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सेना बनी संकटमोचकः पूर्वोत्तर भारत में बाढ़ से बचाईं डेढ़ हजार से ज्यादा जिंदगियां

इस साल पहली ही बारिश में असम के डेढ़ लाख और त्रिपुरा के चालीस हजार से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में हैं।

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सेना बनी संकटमोचकः पूर्वोत्तर भारत में बाढ़ से बचाईं डेढ़ हजार से ज्यादा जिंदगियां

नई दिल्ली। पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश लोगों पर कहर बनकर टूट पड़ी है। संकट की इस घड़ी में भारतीय सेना और असम राइफल्स ने मिलकर करीब 1500 से ज्यादा लोगों की जान बचाई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक सेना ने त्रिपुरा के कैलाशनगर, इंदिरानगर, फैटीक्राय, सांटैल, कुमारघाट में करीब 950 लोगों को रेसक्यू किया है। अब तक यहां करीब 2000 लोगों को राहत शिविर तक पहुंचाया है।

मणिपुर में असम राइफल्स ने दी राहत

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असम राइफल्स ने भी मणिपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में तेजी से रेसक्यू ऑपरेशन चलाया। सुरक्षा बलों ने थाउबल, इंफाल पूर्व और इंफाल पश्चिम जिलों के इरॉन्ग, माइबाम, उचिवा, अरापति, कियामगेई, अचाबिगाई और मॉन्गजेम इलाकों में करीब 430 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।

लाखों जिंदगियां बुरी तरह प्रभावित

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से पूर्वोत्तर के असम, त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर और नगालैंड में लगातार बारिश के चलते बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। इस साल पहली ही बारिश में असम के डेढ़ लाख और त्रिपुरा के चालीस हजार से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में हैं। भारी बारिश के चलते यहां जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। बिजली और यातायात व्यवस्था ठप हो गई है। इसके चलते कई इलाके अलग-खलग पड़ गए हैं।

खतरे के निशान से ऊपर अधिकांश नदियां

प्राप्त जानकारियों के मुताबिक इन इलाकों में अधिकांश नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। नदियों के उफान पर होने से कई पुल टूट गए हैं और रास्ते अवरूद्ध हो गए हैं। इसके चलते जरूरी सामान की सप्लाई में भी समस्या खड़ी हो गई है। प्रशासन तेजी से राहत पहुंचाने में जुटा है लेकिन हालात इतने खराब हैं कि इसका ज्यादा असर नहीं दिख रहा।

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Published on:
15 Jun 2018 06:11 pm
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