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असम जनसंहार 2014ः दो को सजा-ए-मौत और दो को उम्रकैद, मारे गए थे छह लोग

सामूहिक हत्या के मामले में दो को मृत्युदंड, दो को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस घटना में छह लोग मारे गए थे।
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Updated: 15 Sep 2018, 8:37 PM IST
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असम जनसंहार 2014ः दो को सजा-ए-मौत और दो को उम्रकैद, मारे गए थे छह लोग

गुवाहाटी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने शनिवार को 2014 में उग्रवादी संगठन नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) द्वारा सामूहिक हत्या के मामले में दो को मृत्युदंड, दो को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस घटना में छह लोग मारे गए थे।

ये हैं सजा पाने वाले दोषी

एनआईए की ओर से जारी बयान के अनुसार, बिष्णु नारजेरी ऊर्फ एन बेरेमा और अजॉय बासुमतारी ऊर्फ बी बुहुंबुआ को मृत्युदंड और दो अन्य संजू बोरदोलोई ऊर्फ सिबिगिरी और नितुल दाइमेरी ऊर्फ डी नाइहैब को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

गोलीबारी में मारे गए थे छह लोग

अदालत ने इस मामले में 29 अगस्त को ही चारों को दोषी करार दे दिया था, लेकिन सजा का ऐलान शनिवार को किया गया। 23 दिसंबर 2014 को एनडीएफबी के उग्रवादियों ने असम के सोनीतपुर जिले के हातीजुली शांतिपुर गांव में अंधाधुंध गोलीबारी की थी, जिसमें छह लोग मारे गए थे और दो अन्य घायल हो गए थे।

असम सरकार ने एनआईए को सौंपा था मामला

असम सरकार ने इस मामले को एनआईए को सौंपा था, जिसने उसी वर्ष 30 दिसंबर को कई धाराओं और हथियार अधिनियम में मामला दर्ज किया था। 22 जुलाई 2015 को आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था। करीब चार साल से भी ज्यादा समय बाद आए इस फैसले से पीड़ित परिवारों को इंसाफ मिला है।

Updated on:
15 Sep 2018, 8:37 PM IST
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