
नई दिल्ली। दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में फरवरी के महीने में हुए साम्प्रदायिक दंगों ( Delhi Riots ) में लगातार बड़े खुलासे हो रहे हैं। अब इस मामले में दिल्ली पुलिस ( Delhi Police ) ने कोर्ट में अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट ( Investigation Report ) पेश की है। इस रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने बताया है कि आम आदमी पार्टी ( AAP ) के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन ( Tahir Hussain ) ने दंगों के लिए 1 करोड़ 12 लाख रुपये जमा किया थे।
इतना ही नहीं पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में ये भी जानकारी दी है कि ताहिर ने ये रकम गैरकानूनी ( Ilegal )तरीके से अगल अलग कंपनियां बनाकर जमा किए थे।
नागरिकता संशोधन कानून ( CAA ) और एनआरसी ( NRC) को लेकर फरवरी माह में दिल्ली में हुए दंगों की शुरुआती जांच रिपर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस ने कोर्ट के सामने जो जानकारी दी हैं उसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
मास्टर माइंड से संपर्क था में ताहिर
दिल्ली पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में ये जानकारी दी है कि आप का निलंबित पार्षद ताहिर दंगों के मास्टर माइंड उमर खालिद से सीधे संपर्क में था।
राजीतिक औहदे से फायदा उठाने का आरोप
पुलिस ने ताहिर पर आरोप लगाया है कि अपने राजनीतिक औहदे का लाभ उठाते हुए उसने कई लोगों को भड़काया हुआ था। दंगों को लेकर उस पर कुल 12 मामले दर्ज हैं।
खालिद के इशारे पर घर में जमा की हिंसक सामग्री
दिल्ली पुलिस के मुताबिक ताहिर ने खालिद के इशारे पर अपने घर की छत पर पत्थर, पेट्रोल बम और अन्य हथियार जैसी हिंसक सामग्री जमा की थी।
जामिया के छात्र को लेकर भी खुलासा
यही ही नहीं दिल्ली पुलिस ने जामिया के छात्र मीरान हैदर को लेकर भी बड़ा खुलासा किया है। पर आरोप लगाया है कि उसको दंगे भड़काने के लिए सउदी अरब से पैसे मिले थे।
मीरान हैदर को गिरफ्तार करने के बाद उसके पास से 2 लाख 33 हजार रुपये पुलिस ने बरामद किए हैं। इन पैसों के लेन देन के विषय में विदेश मंत्रालय से लेकर कई विभागों की मदद लेकर जांच की जा रही है।
पुलिस ने ये भी बताया है कि जामिया के छात्र नेताओं और पिंजरा तोड़ के सदस्यों की जाफराबाद और सीलमपुर में दंगे भड़काने में अहम भूमिका थी। पुलिस ने अपन रिपोर्ट में ये भी कहा है कि इन दंगों की साजिश बहुत पहले से की जा रही थी।