सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि सीबीएसई बोर्ड ने परीक्षा में नकल पर रोक लगाने के लिए सराहनीय कदम उठाया है। परीक्षा के अटेंडेंस के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लागू किया जाएगा।
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाएं वैसे तो फरवरी में शुरू होकर मार्च में खत्म हो जाती हैं। लेकिन कोरोना महामारी की वजह से इस बार CBSE की बोर्ड परीक्षाएं 4 मई से 10 जून तक आयोजित की गई हैं। परीक्षा के शुरू होने में अभी चार महीनें से ज्यादा का समय है लेकिन सोशल मीडिया पर इसे लेकर एक ख़बर तेजी से वायरल हो रही है।
वायरल खबर में दावा किया जा रहा है कि CBSE बोर्ड परीक्षा में इस बार अटेंडेंस बायोमेट्रिक सिस्टम से लिया जाएगा। ऐसे में सभी स्टूडेंट को इसी सिस्टम से अपनी हाजिरी दर्ज करानी होगी।वायरल पोस्ट में लिखा है - 'नकल पर रोक लगाने के लिए बोर्ड ने उठाया कदम, छात्रों को देनी होगी बायोमेट्रिक अटेंडेंस।अब सीबीएसई बोर्ड में परीक्षा के अटेंडेंस के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लागू किया जाएगा’
फेक है खबर
इस खबर के वायरल होने पर छात्रों में चर्चाएं शुरू हो गईं। इसके बाद सरकार को खुद इसका खंडन करना पड़ा। सरकारी संस्था प्रेस इनफॉरमेशन ब्यूरो(PIB) ने इसे फर्जी खबर बताया है।
पीआईबी ने इस खबर का फैक्ट चेक किया और एक पोस्ट शेयर करते हुआ लिखा, ‘कुछ खबरों में दावा किया जा रहा है कि सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं में सभी परीक्षार्थियों को बायोमेट्रिक सिस्टम द्वारा उपस्थिति दर्ज करानी होगी। #PIBFactCheck: यह दावा फ़र्ज़ी है।CBSE ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है।’
पहले भी वायरल हुई थी फेक न्यूज
बता दें इससे पहले भी सोशल मीडिया पर बोर्ड परीक्षा को लेकर एक फेक खबर वायरल हुई थी। इसमें परीक्षा की डेट शीट के बारे में जानकारी दी गई थी।जबकि सीबीएसई की वेबसाइट पर ऐसी कोई जानकारी मौजूद नहीं थी। इस पोस्ट के वायरल होने के बाद CBSE ने छात्र-छात्राओं से कहा था वो किसी भी जानकारी के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट ही चेक करें।