
नई दिल्ली। जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय ( JMIU ) की छात्रा सफूरा जरगर ( Safoora Zargar ) की जमानत याचिका ( Bail Plea ) पर सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट ( Delhi High Court ) में सुनवाई हुई। दिल्ली पुलिस ( Delhi Police ) ने सुनवाई के दौरान सफूरा की अर्जी का विरोध किया।
दिल्ली हाईकोर्ट ( Delhi High Court ) में पुलिस ने दलील दी कि पिछले 10 वर्षों में तिहाड़ जेल ( Tihar jail ) में 39 महिला कैदियों की डिलीवरी हो चुकी हैं। केवल गर्भवती होने मात्र से सफूरा जरगर का मामला खास नहीं माना जा सकता। दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट को बताया कि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं।
सोमवार को दिल्ली पुलिस ने सफूरा जरगर की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट ( Delhi High Court ) भी पेश की।
दिल्ली पुलिस ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया की छात्रा सफूरा जरगर पर इसी साल फरवरी में नागरिकता संशोधन कानून ( CAA ) के खिलाफ भड़काऊ भाषण ( Inflammatory speech ) देने का आरोप है। जामिया समन्वय समिति के सदस्य सफूरा जरगर ने संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में फरवरी में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़काऊ भाषण दिया था। उसके बाद सांप्रदायिक हिंसा भड़की थी।
इसके तहत सफूरा के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने UAPA के तहत मामला दर्ज किया जिसकी सुनवाई हाईकोर्ट कर रहा है।
बता दें कि 4 महीने की गर्भवती सफूरा ने दिल्ली हिंसा से जुड़े एक मामले में जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी। लेकिन बीते 4 जून को हुई सुनवाई में दिल्ली पुलिस ने उसे जमानत पर रिहा करने का विरोध किया था।
सफूरा को नागरिकता संशोधन कानून का विरोध के दौरान गिरफ्तार किया गया था। उनको दिल्ली हिंसा मामले में बहुत ही सख्त प्रावधान वाले UAPA के तहत गिरफ्तार किया गया है।