
नई दिल्ली। लंबे समय के बाद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ( Lalu Prasad Yadav ) राजेंद्र इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस ( RIMS )से बाहर निकले हैं। हालांकि पीछे भी उनकी बड़ी मजबूरी है। लालू प्रसाद यादव को गुरुवार को सीबीआई की विशेष अदालत ( CBI Special Court ) में चारा घोटाला मामले के तहत पेश किया जा रहा है।
हालांकि पिछले लंबे समय से लालू यादव इलाज की वजह से रिम्स में भर्ती चल रहे हैं। आपको बता दें कि उन्हें बीते साल इस मामले में आईपीसी के तहत सात साल और भ्रष्टाचार रोधी कानून के तहत भी इतने साल की सजा सुनाई गई थी। उन पर साठ लाख का जुर्माना भी लगाया गया था।
हाईकोर्ट ने खारिज कर दी याचिका
इससे पहले, झारखंड हाईकोर्ट ने लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। लालू ने 1990 के दशक में दुमका कोषागार से 3.97 करोड़ रुपये की फर्जी निकासी करने के चारा घोटाला मामले में जमानत मांगी थी।
विशेष सीबीआई अदालत ने दुमका मामले में लालू प्रसाद को सात साल कैद की सजा सुनाई थी।
आपको बता दें कि लालू के मुख्यमंत्री रहने के दौरान पशुपालन विभाग में 900 करोड़ रुपये से ज्यादा का चारा घोटाला किया गया था।
अभी तक इस घोटाले से जुड़े चार मामलों में कोषागार से फर्जी धन निकासी के दोष में लालू को सजा घोषित हो चुकी है। इनमें दो मामले चाईबासा कोषागार के हैं, जबकि एक-एक मामला दुमका व देवघर कोषागार का है।