
नई दिल्ली। देश के साथ पूरी दुनिया के आकर्षण का केंद्र बने हुए चंद्रयान-2 के लिए आज का दिन काफी महत्वपूर्ण है। चंद्रयान-2 को चांद की चौथी कक्षा में प्रवेश करा दिया गया है। अगले 2 दिनों तक चंद्रयान-2 इसी कक्षा में चांद के चक्कर लगाता रहेगा। इसके बाद 1 सितंबर को शाम 6 से 7 बजे के बीच यह पांचवीं कक्षा में प्रवेश करेगा। इसके बाद 7 सितंबर ऐतिहासिक दिन होगा, जब चंद्रयान-2 अपने पूर्ववर्ती चंद्रयान-1 से आगे निकल जाएगा।
खास बात यह है कि चंद्रयान-2 के लिए अब अगला पूरा हफ्ता काफी महत्वपूर्ण है। खास तौर पर 1 सितंबर का दिन वैज्ञानिकों बहुत खास होगा। पांचवें पड़ाव की बढ़ रहे चंद्रयान-2 को लेकर अब हर पल इसरो के वैज्ञानिकों की नजर इस पर बनी रहेगी।
चांद के साउथ पोल पर कदम रखने से पहले वैज्ञानिकों की पूरी नजर चंद्रयान की हर हरकत पर होगी।
पांचवे पड़ाव की तरफ बढ़ेगा कदम
रविवार यानी 1 सितंबर को शाम 6 से 7 बजे के बीच चंद्रयान-2 पांचवीं कक्षा में डाला जाएगा। ये एक घंटा या कहें चंद पल वैज्ञानिकों के लिए एक काफी चुनौती भरे होंगे। क्योंकि इस पड़ाव के साथ ही चंद्रयान अपने पूर्वज (चंद्रयान-1) को पीछे छो़ड़ेगा। ऐसे में जरूरी है कि ये पल सफलतापूर्वक निकले ।
तब यह चांद के चारों तरफ 114 किमी की एपोजी और 128 किमी की पेरीजी में चक्कर लगाएगा।
एक हफ्ते में आएगा वो पल
अब से पूरे एक हफ्ते बाद वो पल आएगा जिसका इसरो के साथ-साथ पूरे देश और पूरी दुनिया को इंतजार है। 7 सितंबर को चंद्रयान-2 अपने पहले यान चंद्रयान-1 से आगे निकल जाएगा।
आपको बता दें कि चंद्रयान-1 ऑर्बिटर चांद के चारों तरफ 100 किमी की कक्षा में चक्कर लगाता था। इस बार चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर भी इसी कक्षा में फेरे लगाएगा। लेकिन विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेंगे।
सितंबर के हर दिन चंद्रयान-2 पर नजर
चांद के चारों तरफ 4 बार कक्षाएं बदलने के बाद चंद्रयान-2 से विक्रम लैंडर बाहर निकल जाएगा। विक्रम लैंडर अपने अंदर मौजूद प्रज्ञान रोवर को लेकर चांद की तरफ बढ़ना शुरू करेगा। इसके बाद 3 सितंबर को विक्रम लैंडर के सेहत की जांच की जाएगी।
3 सितंबर को 3 सेकंड के लिए होगा कुछ खास
3 सितंबर को विक्रम लैंडर की सेहत जांचने के लिए इसरो वैज्ञानिक 3 सेकंड के लिए उसका इंजन ऑन करेंगे और उसकी कक्षा में मामूली बदलाव करेंगे।