गणेश उत्सवों पर दिख रहा Coronavirus Effect, हर साल देश-विदेश से जुटते हैं करोड़ों श्रद्धालु Mumbai में 84 साल बाद पहली बार नहीं होगा lalbaugcha raja festival 1934 में Bal Gangadhar Tilak ने की थी इसकी शुरुआत, हर साल चढ़ता है कोरोड़ों का चढ़ावा
नई दिल्ली। देशभर में लगातार कोरोना वायरस ( Coronavirus in india ) का खतरा बढ़ रहा है। कोविड जैसी महामारी का असर हर जगह देखने को मिल रहा है। खास बात यह है कि कोरोना का असर इस बार दुनियाभर में मशहूर लाल बाग के राजा के दरबार ( lalbaugcha raja festival ) पर भी पड़ा है। मुंबई में गणपति मंडल ने गणेश उत्सव को नहीं मनाने का ऐलान किया है।
आपको बता दें कि 84 साल बाद ऐसा पहली बार होगा जब लाल बाग के राजा का दरबार नहीं सजेगा। दरअसल हर वर्ष गणेश उत्सवों ( Ganesh Festival )के दौरान मुंबई ( Mumbai ) में भव्य रूप से लालबाग के राजा का दरबार सजता है। यहां अलग-अलग थीम के साथ गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित की जाती है। जिसके दर्शन करने देश विदेश से लोग आते हैं।
दरबार की जगह लगेगा ब्लड और प्लाज्मा डोनेशन कैंप
कोरोना महामारी का असर हर तरफ देखने को मिल रहा है। गणेश उत्सव पर भी कोरोना का इफेक्ट देखने को मिल रहा है। 'लालबाग च राजा' गणपति मंडल ने कहा कि इस बार हम प्रतिमा स्थापित नहीं करेंगे बल्कि इसके स्थान पर ब्लड और प्लाज्मा दान शिविर लगाया जाएगा।
सीएम ने दिया निर्देश
आपको बता दें कि सीएम उद्धव ठाकरे ने सभी मंडलों को आदेश दिया था कि इस साल गणपति उत्सव हर साल की तरह न मनाया जाए और गणपति की मूर्ति की ऊंचाई 4 फीट तक ही रखी जाए। हर वर्ष लालबाग के राजा के दर्शन करने करोड़ों की संख्या में लोग आते हैं। आम से लेकर खास तक सभी बप्पा के दरबार में मत्था टेकने आते हैं।
सीएम को मंडल ने दिया ये जवाब
सीएम के मूर्ति चार फीट तक रखने के निर्देश पर गणपति मंडल ने कहा कि गणपति की लंबाई कम नहीं की जा सकती। मूर्ति छोटी हो या बड़ी श्रद्धालु बड़ी संख्या में दर्शन करने पहुंचेंगे ही। यही वजह है कि हम इसे बप्पा की मर्जी समझकर इस वर्ष ना तो प्रतिमा की स्थापना करेंगे और ना ही विसर्जन होगा।
लाल बाग के राजा को आता है सबसे ज्यादा दान
आपको बात दें कि मुंबई में लगने वाले तमाम गणपति मंडलों में सबसे ज्यादा दान भी लालबाग के दरबार को ही मिलता है। यहां पर करोड़ों का चढ़ावा चढ़या जाता है। मुकेश अंबानी, अमिताभ बच्चन से लेकर देश के तमाम जानी मानी हस्तियां लाल बाग के दरबार में हाजिरी लगाती हैं।
1934 में हुई थी शुरुआत
गणेश उत्सव की शुरूआत यहां बाल गंगाधर तिलक ने तब की थी, जब देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा था। सन् 1934 से हर वर्ष मुंबई के लाल बाग इलाके में लाल बाग के राजा की विशाल प्रतिमा स्थापित की जाती है।