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कोरोना के डर से गांव वालों ने लगाया ‘नो एंट्री’ का बोर्ड, लोगों ने खुद को पेड़ पर किया क्वारंटाइन

भारत में लगातार बढ़ती जा रही कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या इस बीच पश्चिम बंगाल में क्वारंटाइन का अजीब मामला सामने आया प. बंगाल के पुरुलिया जिले में कुछ लोग पेड़ों पर हो रहे क्वारंटाइन

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कोरोना के डर से गांव वालों ने लगाया 'नो एंट्री' का बोर्ड, खुद को पेड़ पर क्वारंटाइन के लिए मजबूर लोग

नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस ( Coronavirus in india ) के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। देश में रविवार तक कोरोना ( Coronavirus ) संक्रमित लोगों का आंकड़ा एक हजार के पार निकल गया है।

वहीं, डॉक्टर्स ने बाहरी राज्यों से घर लौटने वाले लोगों को अहतियात के तौर पर क्वारंटाइन ( Quarantine) में रहने की सलाह दी है।

इस बीच पश्चिम बंगाल ( West Bengal ) में एक अजीब मामला सामने आया है।

यहां चेन्नई से आए कुछ लोगों ने क्वारंटाइन का ऐसा तरीका निकाला है, जिसको देखकर आप भी एकबार को चक्कर में पड़ जाओगे।

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के भंगड़ी गांव में कुछ लोग पेड़ों पर क्वारंटाइन हो रहे हैं। दरअसल, ये लोग चेन्नई में मजदूरी करने गए हुए थे, लेकिन ये अपने-अपने घरों को ऐसे समय लौटे जब देश में कोरोना वायरस का खतरा बढ़ता ही जा रहा है।

ऐसे में ग्रामीण लोगों ने इनको गांव से बाहर ही रोक दिया और इनको भीतर लेने से साफ इनकार कर दिया।

ऐसे में इन लोगों ने गांव के बाहर आम के पेड़ की शाखाओं पर अपना ठिकाना बना लिया और वहीं, क्वारंटाइन में रहने लगे।

ऐसे में ये लोग पिछले पांच दिनों से पेड़ की शाखाओं पर क्वारंटाइन में हैं।

इन लोगों ने पेड़ की शाखाओं पर अपने खटिया को प्लास्टिक शीट और मच्छरदानी से कवर किया हुआ है। यहां तक कि पेड़ पर ही जरूरी सुविधाओं का भी इंतजाम किया है।

जैसे मोबाइल चार्ज करने के लिए पेड़ पर ही प्लग लगाकर बिजली का इंतजाम किया है।

अपने गांव से अलग रह रहे ये लोग केवल नहाने और शौच और खाना खाने आदि के लिए ही पेड़ से नीचे उतरते हैं।

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Updated on:
29 Mar 2020 05:25 pm
Published on:
29 Mar 2020 04:52 pm
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