
नई दिल्ली। देश में कोरोना ( coronavirus ) मरीजों की संख्या और संक्रमण के बाद पैदा हुए हालात को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ( Sonia Gandhi ) ने विपक्षी दलों संयुक्त बैठक ( Opposition parties meeting ) बुलाई है। यह बैठक 22 मई यानी शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ( video conferencing ) के माध्यम से होगी। जानकारी के अनुसार सोनिया गांधी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में शामिल होने के लिए 15 विपक्षी दलों ने अब तक अपनी सहमति दे दी है। माना जा रहा है कि इस बैठक में लॉकडाउन ( Lockdown 4.0 ) के बीच फंसे प्रवासी मजदूरों ( migrant workers ) और बदहाल अर्थव्यवस्था को लेकर विचार विमर्श हो सकता है।
गौरतलब है कि कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए केंद्र सरकार ने एक बार फिर से लॉकडाउन की मियाद बढ़ा दी है। चौथे चरण का यह लॉकडान 31 मई तक जारी रहेगा। इस बीच प्रवासी मजदूरों को लेकर विकट समस्या खड़ी हो गई है। लाखों की तदाद में ये प्रवासी मजदूरों बीच सड़कों व एक—दूसरे राज्यों में फंसे हुए हैं। हालांकि केंद्र सरकार ने इनके लिए स्पेशल श्रमिक ट्रेनों का संचालन भी शुरू किया है। बावजूद इसके यह समस्या हर रोज गंभीर होती जा रही है। ऐसे में कांग्रेस ने प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजने के लिए 1000 बसों के इंतजाम का दावा किया है। कांग्रेस का आरोप है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अनुमति मिलने के बाद भी आगरा प्रशासन इन बसों के प्रवेश की अनुमति नहीं दे रहा।
वहीं, विपक्षी पार्टियों की इस बैठक् में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री व शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, डीएमके नेता स्टालिन, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमेंत सोरेन और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव शामिल हो सकते हैं।