
पुणे/हैदराबाद। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया द्वारा कोविशील्ड को आपातकालीन इस्तेमाल अधिकार की मंजूरी मिलने के बाद शुरू हुआ विवाद अब खत्म हो चुका है। कोवैक्सिन को भी मंजूरी दिए जाने के बाद दोनों वैक्सीन बनाने वाली कंपनियो के प्रमुखों ने अब इन्हें हर जरूरतमंद तक पहुंचाने की शपथ ली है। COVID-19 वैक्सीन के भारत और दुनिया में सुचारू ढंग से रोलआउट के लिए मंगलवार को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक ने संयुक्त रूप से प्रतिज्ञा की।
SII और भारत बायोटेक द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया है, "दोनों कंपनियों की ओर से संयुक्त रूप से अदार पूनावाला और डॉ. कृष्णा एला ने भारत और वैश्विक स्तर पर COVID-19 वैक्सीन के विकास, निर्माण और आपूर्ति के लिए अपने संयुक्त इरादे की बात कही।"
अदार पूनावाला सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। जबकि डॉ. कृष्णा एला भारत बायोटेक के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक हैं।
बयान के मुताबिक, "उन्होंने कहा कि उनके सामने अधिक महत्वपूर्ण कार्य भारत और दुनिया की आबादी के जीवन और आजीविका को बचाना है। टीके एक वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य का सामान हैं और उनके पास जल्द से जल्द जीवन को बचाने और आर्थिक सामान्य स्थिति में वापसी को तेज करने की शक्ति है।"
बयान मे आगे कहा गया, "अब जब भारत में दो COVID-19 वैक्सीन को EUA (आपातकालीन इस्तेमाल अधिकार) जारी किए गए हैं, तो विनिर्माण, आपूर्ति और वितरण पर ध्यान केंद्रित किया गया है, ताकि जिस आबादी को उच्च गुणवत्ता, सुरक्षित और प्रभावी टीके प्राप्त करने की सबसे अधिक आवश्यकता है, उन्हें यह मिल जाएं।"
बयान के मुताबिक, "हमारी दोनों कंपनियां इस गतिविधि में पूरी तरह से लगी हुई हैं और बड़े पैमाने पर देश और दुनिया के लिए टीके के एक सहज रोलआउट को सुनिश्चित करने के लिए हमारा कर्तव्य मानते हैं। हमारी प्रत्येक कंपनी अपने COVID-19 टीके को विकास गतिविधियों की योजना के मुताबिक जारी रखती हैं।"
बयान में कहा गया है, "हम लोगों और देशों के लिए टीकों के महत्व के बारे में पूरी तरह से अवगत हैं, हम अपने COVID-19 वैक्सीन की वैश्विक पहुंच प्रदान करने के लिए अपनी संयुक्त प्रतिज्ञा की जानकारी साझा करते हैं।"