देश में लगातार बढ़ रहा बर्ड फ्लू का संक्रमण लाल किले में बर्ड फ्लू से कौओं की मौत
नई दिल्ली। देश में बर्ड फ्लू ( Bird Flu in India ) का संक्रमण तेजी के साथ फैलता जा रहा है। इसी का नतीजा है कि बर्ड फ्लू ( Bird flu Infection ) का प्रभाव राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली ( Bird Flu in Delhi ) तक आ पहुंचा है। लाल किले में मृत पाए गए कौओं के सैंपल से बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। जिसके बाद प्रशासन ने स्मारक भवन में लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। दिल्ली सरकार के पशुपालन विभाग ( Animal Husbandry Department ) के डायरेक्टर राकेश सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले दिनों लाल किले में लगभग पंद्रह कौवे मृत पाए गए थे। बर्ड फ्लू होने की आशंका के चलते पक्षियों के सैंपल जालंधर स्थित लैब में भिजवाए गए। मंगलवार को आई रिपोर्ट में मृत कौवों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई। जिसके चलते अहतियात के तौर पर लाल किले को दर्शकों के लिए गणतंत्र दिवस तक के लिए बंद कर दिया गया।
उल्लू में भी बर्ड फ्लू के संक्रमण की पुष्टि
इसके साथ ही दिल्ली के चिडिय़ाघर में मृत मिले एक उल्लू में भी बर्ड फ्लू के संक्रमण की पुष्टि हुई। राजधानी दिल्ली में मिले बर्ड फ्लू केसों के चलते दिल्ली सरकार ने कुछ सख्त कदम उठाए हैं। सरकार ने शहर के बाहर से आने वाले प्रोसेस्ड और पैक्ड चिकन की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही पूर्वी दिल्ली स्थित गाजीपुर मुर्गा मंडी को भी बंद करने का आदेश दिया गया है। हालांकि गुरुवार को सौ नमूनों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद गाजीपुर मुर्गा मंडी को खोल दिया गया। आपको बता दें कि देश में अब तक पांच राज्यों में पोल्ट्री पक्षियों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। जिसके बाद वहां पर पक्षियों को जिंदा दफन करने या फिर उनको मारने का अभियान जारी है। केंद्र सरकार से मिले जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र,हरियाणा और अब छत्तीसगढ़ बर्ड फ्लू प्रभावित राज्यों में शामिल हैं।
महाराष्ट्र और कर्नाटक से पक्षियों और अंडों के परिवहन एवं प्रवेश पर प्रतिबंध
वहीं, गोवा प्रशासन ने मंगलवार को बर्ड फ्लू के डर से पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र और कर्नाटक से पक्षियों और अंडों के परिवहन एवं प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया। उत्तर और दक्षिण गोवा जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किए गए आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। सरकारी आदेश में कहा गया है, "इस आदेश का उल्लंघन करने वाला कोई भी व्यक्ति भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 188 के तहत दंडनीय होगा।"