
नई दिल्ली। देशभर में मौसम ( weather update ) ने अपनी चाल बदल ली है। ज्यादातर राज्यों में मौसम सर्द हो चला है। खास तौर पर राजधानी दिल्ली में ठंड ( Delhi Weather ) ने पिछले सात दशक का रिकॉर्ड तोड़ा है। भारतीय मौसम विभाग ( IMD ) के मुताबिक दिल्ली में 71 वर्ष बाद नवंबर का महीना सबसे ज्यादा सर्द रहा है।
राजधानी में औसत न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक इसके पीछे ला नीना सबसे बड़ी वजह रही है। इसक अलावा भी कुछ कारण जिनके चलते नवंबर के महीने में दिल्ली में कंपा देने वाली ठंड पड़ी और कई वर्षों का रिकॉर्ड टूटा।
अक्टूबर में भी टूटा था रिकॉर्ड
आपको बता दें कि दिल्ली में इस बार अक्टूबर के महीने में रिकॉर्ड तोड़ सर्दी पड़ी थी। राजधानी में ठंड ने 58 वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ा था। इस दौरान औसत तापमान 17.2 डिग्री दर्ज किया गया था। मौसम विभाग के मुताबिक 1962 के बाद ये सबसे कम तापमान रहा। तब अक्टूबर के महीने में 16.9 डिग्री दर्ज किया गया था।
इस कारण से बढ़ रही सर्दी
दरअसल राजधानी दिल्ली में पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ सर्दी के पीछे ला नीना बड़ी वजह है। इसके अलावा इस वर्ष आए समुद्री तूफान, सितंबर के महीने में हुई कम बारिश, कम बादलों का छाना भी ठंड ज्यादा पड़ने की वजह रही हैं।
नवंबर में औसतन दर्ज होता है 12.9 डिग्री तापमान
मौसम विभाग की मानें तो नवंबर के महीने आमतौर पर 12.9 डिग्री सेल्सियस डिग्री तापमान दर्ज किया जाता है, लेकिन इस वर्ष ये तापमान 10.2 दर्ज किया गया है। हालांकि वर्ष 1949 में ही नवंबर के महीने में इतना ही तापमान दर्ज किया गया था।
1950 से पहले पड़ी की कड़ाके की सर्दी
मौसम विभाग ने मिली जानकारी के मुताबिक 1950 से पहले राजधानी दिल्ली में नवंबर के महीने में कड़ाके की सर्दी पड़ी थी। इसके तहत 1938 में 9.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था। जबकि 1930 और 1931 में ये आंकड़ा 8.9 डिग्री दर्ज किया गया था।
इस वर्ष नवंबर में आई 4 शीतलहर
आईएमडी के मुताबिक राजधानी दिल्ली में नवंबर के महीने में एक दो नहीं बल्कि पूरी चार शीतलहर आईं। ये शीतलहर 3,20,23 और 24 नवंबर के दिन आईं।
ऐसे दर्ज होती है शीतलहर
आपको बता दें कि जिन इलाकों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या इससे नीचे लगातार दो दिन तक दर्ज हो या फिर सामान्य तापमान 4.5 डिग्री से नीचे दर्ज किया जाए तो मौसम विभाग इसे शीतलहर घोषित करता है।
लेकिन दिल्ली जैसे छोटे इलाकों में एक दिन के लिए भी मापदंड पूरा हो तो यहां शीतलहर घोषित की जा सकती है।