देश के अंतरिम बजट में 6000 रुपए सालाना के प्रावधान के बाद भी किसानों का मोदी सरकार प्रति गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है।
नई दिल्ली। देश के अंतरिम बजट में 6000 रुपए सालाना के प्रावधान के बाद भी किसानों का मोदी सरकार प्रति गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां किसानों ने डीएनएडी पर अपना डेरा डाल लिया है। किसान जमीन के उचित मुआवजे की मांग को लेकर डीएनडी पर प्रदर्शन कर रहे हैं। अब किसान जमीन अधिग्रहण में उचित मुआवजे की मांग को लेकर दिल्ली में मार्च करेंगे। यही नहीं किसान मांगे न माने जाने पर पीएम आवास घेरने की बात कह रहे हैं। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के मंडोला और टप्पल के किसानों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। किसानों के प्रदर्शन से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और नोएडा में यातायात की भारी समस्या खड़ी हो गई थी। यही नहीं डीएनडी को कई घंटों तक बंद रखना पड़ा था। मांग न माने जाने से नाराज किसान अब 7 फरवरी तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे।
उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे किसान
जानकारी के अनुसार शनिवार को किसान एक बार फिर आंदोलन कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि किसान इस दौरान प्रधानमंत्री आवास को घेरने का प्रयास कर सकते हैं। हालांकि किसानों के ऐलान को ध्यान में रखते हुए पीएम आवास के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। आपको बता दें कि फिलहाल किसान दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान नेताओं की मानें तो यह प्रदर्शन 7 फरवरी तक चलेगा। किसान नेताओं का कहना है कि अगर 7 फरवरी तक सरकार उनकी मांग नहीं मानती तो वो उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
25 महीने से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं किसान
आपको बता दें कि आवास विकास परिषद की मंडोला विहार योजना को लेकर उत्तर प्रदेश के मंडोला समेत 6 गांव के किसान पिछले 25 महीने से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों सरकार से जमीन अधिग्रहण नीति 2013 से मुआवजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं।