
नई दिल्ली: बीते महीने केजरीवाल सरकार ने राजधानी में कोरोना की आरटी-पीसीआर जांच की शुल्क को 2,400 रुपये से घटाकर मात्र 800 रुपये कर दिया था। लेकिन सरकार के इस फैसले को चुनौती देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) में एक याचिका दायर हुई था।
अब दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस याचिका पर केजरीवाल सरकार से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति नवीन चावला ने दिल्ली सरकार (Delhi Govt) को नोटिस जारी करते हुए याचिका पर अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है।
बता दें ‘एसोसिएशन ऑफ प्रैक्टिसिंग पैथोलॉजिस्ट' ने कोरोना टेस्ट की शुल्क घटाने के बाद कोर्ट में याचिका दायर की है। जिसमें कहा गया है कि निर्धारित शुल्क में जांच में उपयोग किए जाने वाले उपकरणों की लागत कवर नहीं की गई है।
एसोसिएशन का कहना है कि दिल्ली सरकार द्वारा लाया गया यह मूल्य सीमा ट्रूनेट और सीबीएनएएटी जांच के लिए लागू नहीं किया जा सकता है। क्योंकि उनमें कॉर्ट्रिज का उपयोग होता है जो बहुत महंगे हैं। कोरोना का पता लगाने के लिए इन जांचों का भी उपयोग किया जाता है। ऐसे में ये मूल्य सही नहीं है।