दिल्ली में पुनर्विकास के नाम पर 16,500 पेड़ काटे जाने हैं, जिसके विरोध में लोगों ने पेड़ों से चिपककर विरोध प्रदर्शन किया।
नई दिल्ली। राजधानी में पुनर्विकास के नाम पर हजारों पेड़ काटने को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। यह पनपते आक्रोश का ही नतीजा है कि दिल्ली के विभिन्न इलाकों में आम नागरिकों के साथ ही कलाकार, पर्यावरणविद् और गणमान्य लोग भी पेड़ कटान के विरोध में सड़कों पर उतर आए। रविवार को राजधानी के सरोजिनी नगर इलाके में लोगों का भारी हुजूम उमड़ आया। यहां हाथ में तख्ती लेकर न केवल लोगों ने पेट कटान का विरोध किया, बल्कि एक बार फिर से चिपको आंदोलन की याद भी दिला दी। बता दें कि दिल्ली में पुनर्विकास के नाम पर 16,500 पेड़ काटे जाने हैं। जिसके विरोध में शनिवार को भी लोगों ने पेड़ों से चिपककर विरोध प्रदर्शन किया था।
लोगों के विरोध के साथ ही सोशल मीडिया पर भी पेड़ काटने को लेकर अभियान तेज हो गया है। वहीं आम आदमी पार्टी भी ने भी इस आंदोलन में जन-समुदाय के समर्थन का ऐलान किया है। सरोजिनी नगर में विरोध प्रदर्शन करने उतरे लोगों का कहना था कि सुंदर नगर में पहले ही पेड़ काटे जा चुके हैं। अब सरोजिनी नगर और आरकेपुरम की बारी है। लेकिन यहां पर्यावरण के दुश्मनों की मंशा कामयाब नहीं होने दी जाएगी। वहीं स्टैंडअप कामेडियन व पर्यावरणविद् वासू प्रिमलानी ने भी पेड़ काटे जाने का विरोध किया। वासू ने कि इसको लेकर हम 29 जून को व्यापक स्तर पर प्रदर्शन करेंगे। पर्यावरणविद का कहना है कि पर्यावरण के विनाश की शर्त पर हमें पुनर्विकास स्वीकार नहीं है।
बता दें कि पुनर्विकास परियोजना को वर्ष 2016 में केंद्र सरकार की कैबिनेट ने मंजूरी मिल चुकी है। इस योजना के तहत दिल्ली में 16,500 पेड़ काटे जाने हैं। जिनमें अकेले सरोजनी नगर में 11000 से अधिक पेड़ काटे जाने प्रस्तावित हैं। इसके अलावा नेताजी नगर में 2294, किदवई नगर में 1123, नैरोजी नगर में 1454 पेड़ों की बलि दी जानी है।