
नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण एक बार फिर से तेजी से फैलने लगा है और हर दिन नए मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है। यही कारण है कि संबंधित राज्य सरकारों की ओर से फिर से नई पाबंदियां लगानी शुरू कर दी गई है। वहीं केंद्र सरकार और केंद्रीय एजेंसियां कोरोना के बढ़ते मामलों पर पैनी नजर बनाए हुए है।
इस बीच डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए कहा है कि एयरपोर्ट पर कोविड-19 को लेकर जारी किए गए गाइडलाइन व नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। यदि कोई भी कोरोना नियमों का उल्लंघन करते पाया जाता है तो उसपर स्पॉट फाइन लगाया जा सकता है। DGCA के इस बयान के बाद हवाई यात्रियों को झटका लग सकता है, क्योंकि अभी ये देखा जा रहा है कि बहुत से यात्री कोविड-19 के सामान्य नियमों (मास्क पहनना, सोसल डिस्टेंसिंग का पाल करना) का पालन नहीं कर रहे हैं।
DGCA ने अपने बयान में कहा है कि अभी देश के कई एयरपोर्ट्स पर कोरोना प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन नहीं किया जा रहा है। लिहाजा, अब सभी एयरलाइंस से DGCA ने ये सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि एयरपोर्ट पर उचित तरीके से फेस मास्क के पहनने और हवाई अड्डों पर सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने जैसे नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए।
पकड़े जाने पर हो सकती है कार्रवाई
आपको बता दें कि DGCA के फैसले के बाद अब यदि एयरपोर्ट पर कोविड-19 नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जा सकेगी। DGCA ने अपने बयान में स्पष्ट कर दिया है कि कोरोना प्रोटोकॉल्स का पालन नहीं करने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें स्पॉट फाइन भी शामिल है।
मालूम हो कि पिछले हफ्ते (15 मार्च से 23 मार्च के बीच) DGCA ने तीन एयरलाइंस में 15 यात्रियों को कोरोना प्रोटोकॉल्स के नियमों का उल्लंघन करते हुए पकड़ा था। इनमें इंडिगो एयरलाइन के 9, अलायंस एयर के 4 और एयर एशिया इंडिया के 2 पैसेंजर शामिल हैं। इन सभी पर कार्रवाई करते हुए DGCA ने तीन हफ्तों के लिए उनके उड़ान भरने पर रोक लगा दी थी।
साथ ही एयरलाइन को यह हिदायत दी थी कि जो भी यात्री यात्रा के दौरान ठीक तरीके से मास्क नहीं पहना हो उस पर कार्रवाई करते हुए उन्हें फ्लाइट से उतार दिया जाए। इतना ही नहीं DGCA ने स्पष्ट तौर पर एयरलाइंस को ये छूट दी है कि जो भी यात्री कोविड-19 नियमों का उल्लंघन करते पाया जाता है उनपर तीन महीने से लेकर 2 साल तक प्रतिबंध लगाई जाए।