
नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस ( Coronavirus in india ) महामारी के बीच केंद्र सरकार ( Central Goverment ) ने लॉकडाउन को खत्म करते हुए Unlock 1.0 से धीरे-धीरे सबकुछ खोलने की पहल कर दी है। अनलॉक के दौरान अन्य आवश्यक सेवाओं ( Essential services ) के साथ धार्मिक स्थलों ( Religious places ) को भी खोला जारहा है। केरल ( Kerala ) में भी लगभग ढ़ाई महीने बाद मंदिरों को खोला जा रहा है। इस बीच मंदिर खुलने को लेकर दो मंत्री आमने-सामने आए गए। इन दोनों मंत्रियों ने सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
दरअसल, केरल में मंदिर खोले जाने को लेकर केन्द्रीय विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन और केरल के देवासोम मंत्री कडकमपल्ली सुरेन्द्रन में ठन गई। विवाद इतना बड़ा की दोनों एक—दूसरे के खिलाफ गंभीर टिप्पणियों पर उतर आए। मुरलीधरण ने एक फेसबुक पोस्ट के माध्यम से केरल की वामपंथी सरकार पर हमला बना दिया। एक—दूसरे के खिलाफ सोशल मीडिया पर छिड़ी एक इस जंग में मुरलीधरण ने लिखाकि “आपकी सरकार राज्य में कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग तक को बरकरार नहीं रख पाई। ऐसे में जहां राज्य कोरोना वायरस के मामलों को गढ़ बना हुआ तो जरूरत है कि सरकार त्रावणकोर देवास्वम बोर्ड के अंतर्गत मंदिरों को खोलने का फैसला वापस ले।”
वहीं, सुरेंद्रन ने मंगलवार को मुरलीधरण की आलोचना की। उन्होंने कहा कि मंदिरों को खोलने के लिए राज्य सरकार की ओर से कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई गई है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय मंत्री को मंदिरों केा खोलने संबंधी फैसले को लेकर अपनी सरकार से कैबिनेट के फैसले के बारे में पूछना चाहिए।