Coronavirus से जारी है लड़ाई Lockdown2 से नियंत्रित होगा सामुदायिक फैलाव डॉक्टर भी चाहते हैं बढ़े लॉकडाउन की अवधि
नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस ( Coronavirus ) का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। देश में अब तक कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 7500 के पार पहुंच चुकी है, जबकि 260 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। यही वजह है कि कई राज्य सरकारों ने केंद्र सरकार ( Central Govt ) से 21 दिन के लॉकडाउन ( Lock Down ) की अवधि बढ़ाने की अपील की है।
इतना ही देश में अब तक ओडिशा ( Odisha ) , पंजाब ( Punjab ), महाराष्ट्र ( Maharashtra ) , प.बंगाल ( West Bengal ) और तेलंगाना ( Telangana ) समेत पांच राज्य अपने-अपने राज्यों में लॉकडाउन बढ़ा भी चुके हैं।
इसके अलावा अन्य राज्य चाहते हैं 14 अप्रैल के बाद भी लॉकडाउन2 ( Lock down 2 ) लगे। लॉकाडउन की अवधि बढ़ाने के देश के बड़े डॉक्टर भी पक्ष में हैं। डॉक्टरों की मानें तो देश में कोरोना वायरस से जंग में लॉकडाउन ही सबसे बड़ा हथियार है।
भारत में 21 दिन के लॉकडाउन को बढ़ाना चाहिए, देश के कई राज्य लगातार ये अपील पीएम मोदी से कर रहे हैं। जल्द ही इस पर फैसला भी सामने आ ही जाएगा। लेकिन इस बीच कोरोना से जंग में जी जान से जुटे धरती के भगवान भी यही चाहते हैं कि लॉकाडउन2 लगाया जाए।
जैसे-जैसे 14 तारीख पास आ रही है हर किसी के मन में यह सवाल है। दरअसल, इसकी वजह कोरोना वायरस के मामलों की बढ़ती रफ्तार है।
लॉकडाउन के बावजूद मामले रेकॉर्ड तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में अगर सबको बाहर निकले की खुली छूट दे दी गई तो स्थिति कितनी भयावह हो सकती है। यही चिंता डॉक्टरों की भी है।
डॉक्टर्स मानते हैं कि लॉकडाउन का फायदा है और जरूरत के हिसाब से इसे दो हफ्ते तक बढ़ाया जाना चाहिए। कुछ डॉक्टर्स लॉकडाउन के साथ-साथ टेस्टिंग पर जोर देने की भी बात कर रहे हैं।
ये वर्ल्ड वार 3 से कम नहीं
देश के जानेमाने कार्डियोलॉजिस्ट और पद्म सम्मान से नवाजे जा चुके डॉक्टर के के अग्रवाल कोरोना वायरस को जंग बता चुके हैं। वे कहते हैं कि यह वर्ल्ड वॉर थ्री है।
डॉ. अग्रवाल का मानना है कि स्थिति ऐसी रहने पर लॉकडाउन को दो हफ्तों तक बढ़ाया जा सकता है। इतना ही नहीं हॉटस्पॉट इलाकों को पूरी तरह सील भी रखा जा सकता है।
पूरी तरह फायदेमंद है लॉकडाउन
लॉकडाउन को बढ़ाने की सलाह मनीपाल हॉस्पिटल के चेयरमैन और डॉक्टर सुदर्शन बलाल भी देते हैं। डॉ. बलाल मानते हैं कि 21 दिन के लॉकडाउन की वजह है से ही हम देश में कोरोना वायरस के फैलाव को काफी हद तक काबू कर पाए।
इसे आगे भी बढ़ाया जाना चाहिए इससे फायदा ही होगा। हां इस दौरान मजदूरों का ध्यान रखा जाना चाहिए क्योंकि लॉकडाउन का सीधा असर दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ता है।
मेदांता हॉस्पिटल्स के चेयरमैन नरेश तेहरान भी कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जुटे हुए हैं। एक निजी चैनल को साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि भारत में पिछले कुछ दिनों में टेस्टों की संख्या बढ़ी है।
ऐसे में 13 अप्रैल के आस-पास इस बात का पता लगेगा कि वायरस किस स्तर तक फैला है।
वह कहते हैं कि अगर असर स्टेज 3 तक पहुंच गया होगा तो बिना किसी झिझक के लॉकडाउन बढ़ाना चाहिए। कम से कम 10 दिन और।
इसके अलावा अगर स्टेज 3 में नहीं पहुंचते हैं और आंकड़े संतोषजनक बनते हैं तो देश के हॉटस्पॉट इलाकों सील रखकर बाकी चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन खोला जा सकता है।