
पटना। बिहार में चमकी बुखार ( Acute Encephalitis ) के कहर को देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ( NHRC ) ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किए हैं। जबकि इस बीमारी को महामारी बनते देख दिल्ली और पटना में केंद्र व प्रदेश सरकार उच्च स्तरीय बैठकें कर रही हैं।
इस संबंध में NHRC ने बिहार के मुख्य सचिव और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव को नोटिस जारी कर मुजफ्फरपुर बिहार में हुई मौतों के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसके अलावा आयोग ने इस हालात से निपटने और जापानी इंसेफेलाइटिस वायरस/एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम से बचाव और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम लागू करने की स्थिति पर भी जवाब मांगा है। सरकार को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करना होगा।
बिहार में खतरनाक बीमारी 'चमकी बुखार' यानी एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम ( aes ) और प्रचंड गर्मी का तांडव लगातार जारी है। इन दोनों के प्रकोप से सूबे में अब तक 260 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। आलम ये है कि मरने का सिलसिला लगातार जारी है, लेकिन इसका हल कुछ नहीं निकल रहा है।
चमकी बुखार से मुजफ्फरपुर में कुल 100 बच्चों की मौत
सबसे ज्यादा SKMCH में हुई है बच्चों की मौत
मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच और केजरीवाल हॉस्पिटल में चमकी बुखार से पीड़ित बच्चों को भर्ती कराया जा रहा है। इनमें सबसे ज्यादा बच्चों की मौत SKMCH में हुई है।
रविवार को एसकेएमसीएच में 15, केजरीवाल अस्पताल में तीन और मोतीपुर में एक सहित कुल 19 बच्चों की मौत हो गयी। वहीं, 37 नए मरीज भर्ती किए गए हैं।
एसकेएमसीएच में 20 बच्चे और केजरीवाल में 17 बच्चे भर्ती किए गए हैं। इसके अलावा हाजीपुर में दो, सारण और बेगूसराय में इस बीमारी से एक-एक बच्चे की मौत हो गई।
स्वास्थ्य मंत्री के सामने ही हुई दो बच्चों की मौत
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने मुजफ्फरपुर का दौरा किया। एसकेएमसीएच में जब हर्षवर्धन पीआइसीयू में बच्चों को देख ही रहे थे कि दो बच्चों ने उनके सामने ही दम तोड़ दिया।
लू और हीट स्ट्रोक का कहर जारी
चमकी बुखार के अलावा बिहार में लू और हीट स्ट्रोक का कहर भी जारी है। विगत दो दिनों में प्रचंड गर्मी से 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। रविवार को गर्मी से प्रदेश में 101 लोगों की जान चली गई। गर्मी से अकेले औरंगाबाद में रविवार को 35 लोगों की मौत हो गई।
इन इलाकों में हुई मौत
गया में 28, पटना में नौ, रोहतास (दो दिनों) में नौ, बक्सर में छह, नवादा में पांच, नालंदा, भागलपुर और शेखपुरा में तीन-तीन, खगड़िया और मुजफ्फरपुर में दो, सीवान, मुंगेर, लखीसराय, कटिहार, दरभंगा, जहानाबाद और जमुई में एक-एक की मौत हो गई।
आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़े अलग
वहीं, आपदा प्रबंधन विभाग ने दो दिनों में तीन जिलों औरंगाबाद, गया और नवादा में लू से 61 लोगों के ही मरने की पुष्टि की है। विभाग के अनुसार औरंगाबाद में 30, गया 20 और नवादा में 11 लोगों की मौत हुई है।
बताया जा रहा है कि मरने और बीमार लोगों में बच्चों और वृद्धों की अधिक संख्या सबसे ज्यादा है। इसके अलावा डेढ़ सौ से ज्यादा लोग अलग-अलग हॉस्पिटलों में मौत से जूझ रहे हैं।