गौरतलब है कि पूर्वी दिल्ली के सफाई कर्मचारी 12 सितंबर से हड़ताल पर चल रहे हैं। सफाई नहीं होने से जगह-जगह कूड़ों का ढेर लगा हुआ है।
नई दिल्ली: वेतन नहीं मिलने, दिहाड़ी कर्मचारियों को स्थायी करने समेत कई मांगों को लेकर हड़ताल पर चल रहे पूर्वी दिल्ली के सफाई कर्मचारियों का आज सब्र का बांध टूट गया। हजारों की संख्या में सफाई कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर प्रदर्शन किया। सीएम हाउस के बाहर कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। पुलिस बैरिकेट्स लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोका। प्रदर्शनकारी केजरीवाल पर अनदेखी करते हुए हंगामा करते रहे।
जगह-जगह गंदगी का लगा अंबार
गौरतलब है कि मासिक वेतन नहीं मिलने के कारण सफाई कर्मचारी 12 सितंबर से हड़ताल पर चल रहे हैं। पूर्वी दिल्ली में कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से जगह-जगह कूड़ों का ढेर लगा हुआ है। गली मोहल्ले और सड़कों पर कूड़े का अंबार लगा है। कूड़े के कारण लोगों का जीना दूभर है। कई इलाकों में बच्चों को घरों से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। लोग नाक बंद कर सड़कों से गुजरने को मजबूर हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जबतक सरकार उनकी मांगें नहीं मान लेती तबतक हड़ताल खत्म नहीं की जाएगी और ना ही दिल्ली से गंदगी साफ होगी। बता दें कि दिल्ली नगर निगम में भाजपा की सरकार है। वहीं दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार है।
कर्मचारियों की हड़ताल पर राजनीति
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर राजनीति भी जारी है। भाजपा इसके लिए आम आदमी पार्टी को जिम्मेदार ठहरा रही है। वहीं कांग्रेस इसके लिए भाजपा और आप को दोषी ठहरा रही है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमिटी की मुख्य प्रवक्ता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा कि ईस्ट एमसीडी के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के लिए भाजपा और आम आदमी पार्टी की सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों की लापरवाही से दिल्ली आज गंदगी का ढेर बन गई है और महामारी फैलने की आशंका है।