
सफाई कर्मचारियों की माइक्रो लेवल पर मानिटरिंग शुरू
इंदौर.
स्वच्छता सर्वे के लिए केंद्र सरकार द्वारा लिए रैकिंग और रेटिंग दोनों सिस्टम लागू करने के चलते दो बार पूरे देश में नंबर वन बन चुके नगर निगम ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी है। नगर निगम ने सफाई व्यवस्था को चुस्त करने के लिए सफाई कर्मचारियों की माइक्रो मानिटरिंग शुरू कर दी है। नगर निगम ने सभी सफाई कर्मचारियों की हाजिरी की स्थिति देखना शुरू कर दी है। पिछले दो दिनों में ही माइक्रो मानिटरिंग के दौरान जमकर गड़बड़ी भी पकड़ में आई है।
शहर की सफाई व्यवस्था की माइक्रो मानिटरिंग का काम स्वच्छत भारत मिशन सेल को दिया गया है। यहां पर दोपहर तक सभी सफाई कर्मचारियों की हाजिरी लेने वाली इलेक्ट्रानिक्स मशीनो में दर्ज डाटा पहुंच जाता है। जहां दोपहर में जांच का काम शुरू हो जाता है। इस जांच में ही सफाई व्यवस्था में लगे सफाई कर्मचारियों की हाजिरी के नाम पर होने वाली गड़बड़ी भी सामने लगी है। जोन 10 में आने वाले वार्ड 43 में लगभग 5 सफाई कर्मचारी ऐसे थे जिनकी हाजिरी 7बजे बाद लगी थी। वहीं जोन 11 में आने वाले वार्ड 40 में भी सफाई कर्मचारियों की हाजिरी 7 बजे बाद दर्ज की गई। वहीं एक नंबर जोन पर कुछ सफाई कर्मचारियों की हाजिरी लगी थी, लेकिन निगम के रिकॉर्ड में ये कर्मचारी उस जोन पर ही तैनात नहीं थे। उसके बाद भी हाजिरी लगाई गई थी। वहीं इसी तरह से लगभग सभी जगह पर कर्मचारियों के आने का समय तो मशीनों में दर्ज था, लेकिन जाने के समय का कोई रिकॉर्ड नहीं था। कर्मचारियों ने कितनी देर काम किया, इसके कारण साफ नहीं हो पा रहा था।
सभी को जारी हुई हिदायत
नगर निगम के सफाई काम की मानिटरिंग में सामने आने वाली गड़बडिय़ों को लेकर अफसरों ने सख्ती भी करना शुरू कर दी है। सभी मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षकों, सहायक स्वास्थ्य निरीक्षकों और दरोगाओं को इस तरह की लापरवाही आगे से सामने पर सीधे उन पर कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं।
इलेक्ट्रानिक हाजिरी होने के बाद भी कुछ कमियां लगातार प्रकाश में आ रही थी, इसके चलते सफाई व्यवस्था प्रभावित नहीं हो, इसलिए ये सिस्टम शुरू किया गया है।
- आशीष सिंह, निगमायुक्त
Published on:
21 Sept 2018 04:16 am
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