
मोदी सरकार द्वारा लाए गए कृषि बिल के विरोध में किसानों ने शुक्रवार को भारत बंद का ऐलान किया है। देश भर के किसान संगठनों ने एक अक्टूबर से अनिश्चितकालीन रेल रोको प्रदर्शन भी आरंभ करने की घोषणा की है। उल्लेखनीय है कि पंजाब में गुरुवार को ही किसानों ने तीन दिवसीय रेल रोको प्रदर्शन शुरू कर दिया है तथा पटरियों पर धरना दिया।
24 से 26 सितंबर तक के लिए 14 ट्रेन रद्द हुई
विरोध प्रदर्शन को देखते हुए चौदह स्पेशल पैसेंजर ट्रेनों को 24 से 26 सितंबर तक के लिए रद्द कर दिया गया है। इनमें स्वर्णमंदिर मेल (अमृतसर-मुम्बई सेन्ट्रल), जनशताब्दी एक्सप्रेस (हरिद्वार-अमृतसर), नई दिल्ली -जम्मू तवी, सचखंड एक्सप्रेस (नांदेड - अमृतसर) तथा शहीद एक्सप्रेस (अमृतसर-जयनगर) भी शामिल हैं।
पंजाब में होगा 3 घंटे का चक्काजाम
शिरोमणि अकाली दल ने पूरे पंजाब में 11 बजे से 2 बजे तक के लिए पूर्ण चक्काजाम का आव्हान किया है। हाल ही शिरोमणि अकाली दल ने कृषि विधेयकों को लेकर भाजपानीत सरकार से इस्तीफा भी दे दिया था तथा कृषि विधेयकों का विरोध करने का फैसला किया था।
कृषि बिल का विरोध करते हुए प्रदर्शनकारियों ने आशंका जताई है कि केन्द्र के इस नए बिल से न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था खत्म हो जाएगी और एग्रीकल्चर सेक्टर छोटे तथा मझोले किसानों के हाथ से निकल कर बड़े पूंजीपतियों के अधिकार में चला जाएगा।
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि वे प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखें तथा कोरोना वायरस की गाइडलाइन का पालन करें। एक बयान जारी कर उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ है तथा उनके विरूद्ध कोई भी अनुशासनात्मक कार्यवाही नहीं की जाएगी परन्तु प्रदर्शनकारी किसानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि इससे आम नागरिकों को किसी भी तरह की कोई दिक्कत न आए और जान-माल को किसी भी प्रकार का खतरा नहीं होना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि देश के विभिन्न विपक्षी दलों सहित भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी पार्टी शिरोमणि अकाली दल ने कृषि बिल का विरोध करने का निर्णय किया है। अब तक किसानों को कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, शिरोमणि अकाली दल, वामदल व अन्य कई दलों का समर्थन मिल चुका है।