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अब स्कूलों के आसपास नहीं होगी इन चीजों की ब्रिकी, केंद्र सरकार ने लगाई रोक

-अब स्कूल कैंटीन ( School Canteens ) और परिसर के 50 मीटर के दायरे के अंदर पिज्जा-बर्गर ( Pizza Burger ) समेत कोई भी जंक फूड ( Ban on Junk Food Sale ) नहीं बिकेंगे। -खाद्य नियामक भारतीय खाद्य संरक्षा और मानक प्राधिकरण ( Fssai ) ने इन सब की ब्रिकी पर प्रतिबंध लगा दिया है। -इसके अलावा जंक फूड के विज्ञापन पर भी रोक लगा दी गई है। -एफएसएसएआई ने एक बयान में कहा कि इस कदम से बच्चे सुरक्षित और पोषण आहार के प्रति जागरुक होंगे।

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Sep 10, 2020
अब स्कूलों के आसपास नहीं होगी इन चीजों की ब्रिकी, केंद्र सरकार ने लगाई रोक

नई दिल्ली।
अब स्कूल कैंटीन ( School Canteens ) और परिसर के 50 मीटर के दायरे के अंदर पिज्जा-बर्गर ( Pizza Burger ) समेत कोई भी जंक फूड ( Ban on Junk Food Sale ) नहीं बिकेंगे। खाद्य नियामक भारतीय खाद्य संरक्षा और मानक प्राधिकरण ( Fssai ) ने इन सब की ब्रिकी पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके अलावा जंक फूड के विज्ञापन पर भी रोक लगा दी गई है। एफएसएसएआई ने एक बयान में कहा कि इस कदम से बच्चे सुरक्षित और पोषण आहार के प्रति जागरुक होंगे। खाद्य नियामक ने कहा कि इस निर्णय के लिए तमाम लोगों से चर्चा की गई। इसके बाद खाद्य संरक्षा और मानक नियम-2020 को नोटिफाइड कर दिया गया है।

शिक्षा विभागों को निर्देश
इस फैसले के बाद एफएसएसएआई ने सभी राज्यों के शिक्षा विभाग और खाद्य प्राधिकरणों को निर्देश दिए हैं कि बच्चों के लिए सुरक्षित और संतुलित सेहतमंद भोजन की सूची तैयार कर लें। निर्देश के मुताबिक, जिन खाने-पीने के सामान में वसा (Fat), ट्रांस वसा, चीनी और नमक की अधिक मात्रा होगी, उन्हें स्कूली परिसरों के 50 मीटर के दायरे, स्कूल की कैंटीन, हॉस्टल की कैंटीन में बेचने की अनुमति नहीं होगी।

विज्ञापन पर भी रोक
वहीं, एफएसएसएआई ने साफ तौर पर कहा है कि इस तरह के खाने-पीने की चीजों का कंपनियां स्कूल के 50 मीटर के दायरे और कैंटीन में विज्ञापन नहीं कर सकती। समें ब्रांड का नाम, लोगो, पोस्टर, बच्चों की किताब-कॉपी के कवर इत्यादि पर होने वाला विज्ञापन भी शामिल हैं। वहीं, इसको लेकर स्कूल परिसर में बोर्ड पर अंग्रेजी और किसी एक भारतीय भाषा में लगाने का निर्देश दिया गया है।

बता दें कि 2015 में दिल्ली हाईकोर्ट ( Delhi High Court ) ने स्कूल की कैंटीनों और आसपास में जंक फूड पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए थे। इसके बाद से एफएसएसएआई स्वास्थ्यवर्धक भोजन को लेकर गाइडलाइंस बनाने में जुट गई। इसके अलावा मिड डे-मील योजना के लिए काम कर रहे ठेकेदारों को भी इस खाद्य संस्था से मंजूरी या लाइसेंस लेने के लिए खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियमों का पालन करने को कहा गया था।

Published on:
10 Sept 2020 12:53 pm
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