
मुंबई: पूर्वोत्तर मुंबई के घनी आबादी वाले उपनगर घाटकोपर में गुरुवार को क्रैश हुए चार्डट प्लेन का हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है। 19 सेकेंड के इस सीसीटीवी फुजेट में साफ देखा जा सकता है कि ये हादसा कितना भयावह था। निर्माणाधीन इमारत के परिसर में विमान गिरते आग लग गया और मजह चंद सेकेंड में पूरा विमान राख हो गया। विमान के गिरने के स्थान पर एक गड्ढा बन गया है।
दो पॉयलट समेत 5 की मौत
इस दुर्घटना में एक गर्भवती इंजीनियर और एक राहगीर सहित कुल पांच लोगों की मौत हो गई तथा तीन अन्य लोग घायल हो गए। शवों को आज उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। विमान में दो पॉयलट व कई इंजीनियर सवार थे, जिनमें एक महिला पायलट तथा एक महिला इंजीनियर थी। यह विमान यूवाई एविएशन प्राइवेट लिमिटेड (यूवाईएपीएल) कंपनी का था।
विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद
विमान कई हिस्सों में टूट गया और एक टुकड़ा करीब 50 मीटर की दूरी से बरामद किया गया, जबकि विमान के कुछ अन्य जलते हुए हिस्से एक निर्माणाधीन इमारत के परिसर में गिरे। विमान का महत्वपूर्ण उड़ान डेटा रिकॉर्डर या ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है।
चपेट में आ गए राह चलते लोग
घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचने वाले प्रत्यक्षदर्शियों में से एक ने कहा कि दुर्घटनास्थल के पास से गुजरने वाला एक राहगीर गोविंद पंडित विमान से गिरते जलते ईंधन की चपेट में आ गया। बताया जा रहा है कि परिसर में आमतौर पर चार दर्जन मजदूर काम करते हैं, लेकिन विमान के गिरने के दौरान मजदूर दोपहर का खाना खाने गए थे। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विमान को उत्तर पूर्व मुंबई में गुजराती आबादी वाले उपनगर में जीवदया लेन इलाके में तेजी से गिरते देखा गया। विमान में तेज विस्फोट के साथ आग लग गई। यह दुर्घटना दोपहर लगभग 1.15 बजे हुई। ये विमान गुटखा व्यापारी दीपक कोठारी का था।
परीक्षण के बाद ही क्रैश हुआ विमान
यूवाईएपीएल ने एक बयान में कहा कि मृतकों की पहचान कैप्टन प्रदीप राजपूत तथा कैप्टन मारिया जुबेरी के रूप में हुई है। जहां प्रदीप को 5,000 किलोमीटर से ज्यादा विमान उड़ाने का अनुभव था, वहीं मारिया औपचारिक रूप से जेट एयरवेज के साथ अनुबंधित थीं। विमान पर सवार अन्य लोगों में विमान संरक्षण अधिकारी सुरभी दो माह की गर्भवती थीं, और उनके सहकर्मी विमान जूनियर इंजिनियर मनीष पांडे शामिल थे। दोनों इंडामेर एविएशन प्राइवेट लिमिटेड (आईएपीएल) के कर्मी थे। कंपनी ने कहा कि आईएपीएल के संरक्षण वाला विमान दुर्घटना के समय एक घंटे के परीक्षण उड़ान के बाद जुहू हवाईअड्डे पर उतरने वाला था। इसे हाल ही में नियमित संचालन के लिए तैयार किया गया था।