
पिता के पास मुंबई से आया फोन, प्लेन क्रैश में नहीं रही आपकी पायलेट बेटी मारिया इतना सुनते ही...
इलाहाबाद. मुंबई के घाटकोपर इलाके में हुए चार्टर्ड प्लेन क्रैश में पायलट मारिया जुवैरी नगर के रानी मंडी की रहने वाली थीं। उसकी मौत की खबर परिजनों को मिली तो उनके आसू थम नहीं रहे। मौत की खबर पर आस पास के सैकड़ों लोग एकत्र हो गए। मारिया के पिता डाक्टर हैं। जबकि उसका एकलौता भाई दुबई में नौकरी करता है। जानकारी के अनुसार रानी मंडी के रहने वाले डॉ इकबाल हुसैन जुबैरी के तीन बेटी और एक बेटा है। जिनमे में सबसे बड़ी मारिया जुवैरी को बचपन से ही पायलट बनने का शौक था।
मारिया जुवैरी रायबरेली के फुरसतगंज से पायलट की ट्रेनिंग ली। मारिया बीटीयूपी जेड विमान की उड़ान भर रही थीं,जो घाटकोपर के पास प्लेन क्रैस हो गया। जिसमें पांच की मौत हो गई। गुरुवार देर शाम जब डॉ इकबाल मऊआइमा में अपनी क्लीनिक पर मरीजों को देख रहे थे, तभी मुम्बई से फोन आया कि, गुड्डो मारिया का एक्सीडेंट हो गया है। जानकारी के बाद अपनी क्लीनिक बन्द कर भाग कर शहर में स्थित रानी मंडी आवास पहुंचे।
घटना की जानकारी के बाद आस-पास के लोगों को हुई तो मुहल्ले और रिश्तेदार हैरान रह गए। परिजनों ने बताया कि, बीस दिन पहले मारिया घर आयी थीं और हफ्ते भर रह गई थी। बेटी की मौत की खबर पर पिता पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। मरिया की मां फरीदा जुबैरी उसको बार-बार याद करके सदमे में चली जाती हैं। मारिया की माँ ने बताया कि, परसो ही फोन पर उससे बात हुई और आज ये मनहूस खबर उनको मिली। गमजदा परिवार शुक्रवार की सुबह लखनऊ एयरपोर्ट से मुम्बई के लिए रवाना होगा। उनके घर पर जानने वाले लोगों की भीड़ लगी रही। बताया जा रहा है कि, मारिया देश की पहली मुस्लिम महिला पायलेट थीं।
input प्रसून पांडेय
Published on:
29 Jun 2018 01:15 pm
