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आयुष्मान भारत: अस्पतालों को भुगतान में देरी पर सरकार बीमा कंपनियों से वसूलेगी जुर्माना

सरकार ने एक प्रस्ताव में कहा गया है कि आयुष्मान भारत के तहत दावे किए गए अस्पतालों को भुगतान में देरी करने वाले बीमा कंपनियों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
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Jun 16, 2018
अस्पतालों को भुगतान में देरी करने पर बीमा कंपनियों से सरकार वसूलेगी जुर्माना
आयुष्मान भारत: अस्तपतालों को भुगतान में देरी पर सरकार बीमा कंपनियों से वसूलेगी जुर्माना

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वकांक्षी योजना आयुष्मान भारत राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (एनएचपीसी) के तहत दावों के पर निपटारे में देरी करने वाले बीमा कंपनियों पर जुर्माना लगेगा। दरअसल सरकार ने एक प्रस्ताव में कहा गया है कि आयुष्मान भारत के तहत दावे किए गए अस्पतालों को भुगतान में देरी करने वाले बीमा कंपनियों पर जुर्माना लगाया जाएगा।

एक प्रतिशत की दर से लगेगा जुर्माना

आपको बता दें कि स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि मॉ़डल टेंडर दस्तावेज के मुताबिक यदि कोई बीमा कंपनी आयुष्मान भारत के तहत अस्पताल के दावे के भुगतान में 15 दिन से ज्यादा की देरी करता है तो उसे दावे के अंतिम भुगतान की तारीख तक दावे किए गए रकम पर प्रति सप्ताह एक प्रतिशत की रेट से जुर्माना वसूला जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि बीमा कंपनी जुर्माने की इस रकम को सीधे ही अस्पताल को भुगतान करेगी। बता दें कि सरकार द्वारा जारी मॉडल टेंडर दस्तावेज में आयुष्मान भारत योजना के तहत आने वाली प्रक्रियाओं की सूची, उनकी दरें और उन प्रक्रियाओं का जिक्र है जिनके लिए पूर्वअनुमति की आवश्यकता होगी।

20 राज्यों ने दी है सहमति

आपको बता दें कि अभी हाल ही में राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना को लागू करने के लिए अभी तक 20 राज्यों और केंद्र शाषित प्रदेशों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि इन सबके बीच कुछ राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने राजनीतिक लड़ाई का मुद्दा बनाते हुए इस योजना को अपने-अपने राज्यों में लागू करने से इनकार कर दिया है। इसमे से दिल्ली, ओडिशा, पंजाब और पश्चिम बंगाल ने अभी तक इस योजना को अपनाने के प्रति कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है। गौरतलब है कि फिलहाल जो भी राज्य इस योजना को अपनाने से इन्कार कर रहे हैं उन्हें जोड़ने के लिए केंद्र सरकार लगातार बातचीत कर रही है। आपको बता दें कि इसी वर्ष पीएम मोदी ने छत्तीसगढ़ से इस योजना को लागू किया था जिसमें 10 करोड़ परिवारों को हर वर्ष पांच लाख रुपए तक बीमा देने का लक्ष्य रखा गया है।

Updated on:
16 Jun 2018 09:15 pm
Published on:
16 Jun 2018 09:15 pm