केंद्र सरकार ने कोविड के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र 19 राज्यों/ केंद्रशासित प्रदेशों को रेमडेसिवीर की आपूर्ति का कोटा निर्धारित कर दिया है। इन राज्यों में से 14 राज्य वे हैं जिन्हें मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई का भी कोटा दिया गया है।
नई दिल्ली। कोरोना पेशेंट्स के इलाज में काम आने वाली दवाओं, ऑक्सीजन तथा अन्य आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की निर्बाध सप्लाई को सुनिश्चित करने तथा उनके प्रभावी प्रबंधन के लिए केन्द्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं। भारत सरकार के नए कदम के तहत रेमडेसिवीर इंजेक्शन की मांग में देश में अचानक हुई वृद्धि को ध्यान में रखते हुए, घरेलू रेमडेसिवीर निर्माताओं की प्रोडक्शन कैपेसिटी में वृद्धि की गई है। इस प्रयास में सरकार द्वारा निर्माताओं को सभी तरह की सहायता दी जा रही है। घरेलू आपूर्ति को बढ़ाने के लिए 11 अप्रैल, 2021 को रेमडेसिवीर का निर्यात भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। दवा प्रोडक्शन के मौजूदा लेवल को प्रति माह 38 लाख शीशियों से बढ़ाकर 74 लाख शीशी प्रति माह किया जा रहा है और 20 अतिरिक्त प्रोडक्शन प्लांट्स को मंजूरी दी गई है।
अस्पतालों में गंभीर कोरोना पेशेंट्स की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए रेमडेसिवीर की मांग में वृद्धि हुई है। कई जगहों पर तो इस दवा को चोरी किया जा रहा है या फिर 30 हजार रुपए तक में बेचा जा रहा है। केन्द्र सरकार ने राज्यों को सलाह दी है कि इस दवा का आवश्यकता होने पर ही उपयोग किया जाए। साथ ही राज्यों को दवा की संभावित जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई करने की भी सलाह दी गई है।
देश के कुछ क्षेत्रों में रेमडेसिवीर की कमी की रिपोर्ट और इसकी सुचारू अंतर-राज्यीय आपूर्ति की सुविधा हेतु, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा औषध विभाग के साथ समन्वय के माध्यम से 19 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के लिए 30 अप्रैल, 2021 तक रेमडेसिवीर का अंतरिम आवंटन किया गया है। आपको बता दें कि रेमडेसिवीर कोरोना के गंभीर मामलों में दी जाने वाली दवा है, जिसमें ऑक्सीजन की सहायता होना आवश्यक है, इसलिए यह आवंटन उन 14 राज्यों के लिए किया गया है जिन्हें मेडिकल ऑक्सीजन भी आवंटित की गई है। इसके अलावा 5 अन्य राज्यों में जहां इसकी आपूर्ति की उच्च आवश्यकता महसूस की जा रही है, उन्हें भी इसका कोटा निर्धारित कर दिया गया है।
क्र.सं. - राज्य - कुल आवंटन
1. छत्तीसगढ़ - 48250
2. दिल्ली - 61,900
3. गुजरात - 163,500
4. हरियाणा - 29,500
5. आंध्रप्रदेश - 59,000
6. कर्नाटक - 25,400
7. केरल - 16,100
8. मध्यप्रदेश - 92,400
9. महाराष्ट्र - 269,200
10. पंजाब - 13,400
11. राजस्थान - 26,500
12. तमिलनाडु - 58,900
13. उत्तरप्रदेश - 13,500
14. उत्तराखंड - -13,500
15. तेलंगाना - 21,500
16. पश्चिम बंगाल - 27,400
17. उड़ीसा - 11,100
18. बिहार - 24,500
19. झारखंड - 15,150
कुल दवा का आवंटन - 1,100,000