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कौन है Coronavirus से भारत को सुरक्षित रखने में सबसे आगे

रेलवे ने 6 लाख फेसमास्क, 40 हजार लीटर से हैंड सैनिटाइजर बनाया। रेलवे के सभी जोन, उत्पादन इकाइयां और पीएसयू इसमें शामिल हैं। ड्यूटी में आने वाले सभी कर्मचारियों को फेसमास्क-हैंड सैनिटाइजर।
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Updated: 9 Apr 2020, 6:08 PM IST
कोरोना से लड़ाई में सबसे आगे कौन
कोरोना से लड़ाई में सबसे आगे कौन

नई दिल्ली।कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए किए जा रहे उपायों को लगातार मुहैया कराने में भारतीय रेल भारत सरकार की स्वास्थ्य से जुड़ी तमाम पहल को सहायता देने के सभी प्रयास कर रही है। इस दिशा में भारतीय रेल अपने सभी जोनल रेलवे, उत्पादन इकाइयों और पीएसयू में ही रियूजेबल फेसमास्क और हैंड सैनिटाइजरों का उत्पादन कर रही है।

भारतीय रेल ने 7 अप्रैल 2020 से अपने सभी जोनल रेलवे, उत्पादन इकाइयों और पीएसयू में ही कुल 5 लाख 82 हजार 317 रियूजेबल फेसमास्क एवं 41 हजार 882 हैंड सैनिटाइजरों का उत्पादन किया है।

भारतीय रेल के कुछ जोन इसमें इसमें आगे रहे हैं। इनमें 81,008 रियूजेबल फेसकवर और 2569 हैंड सैनिटाइजरों के साथ पश्चिमी रेलवे (डब्ल्यूआर) सबसे आगे है। इसके बाद 77,995 रियूजेबल फेसकवर और 3622 लीटर हैंड सैनिटाइजर के साथ उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर), 51,961 रियूजेबल फेसकवर - 3027 लीटर हैंड सैनिटाइजर के साथ उत्तर पश्चिम रेलवे (एनडब्ल्यूआर) का नाम आता है।

फिर 38,904 रियूजेबल फेस कवर - 3015 लीटर हैंड सैनिटाइजर के साथ मध्य रेलवे (सीआर), 33,473 रियूजेबल फेसकवर - 4100 लीटर हैंड सैनिटाइजर के साथ पूर्व मध्य रेलवे (ईसीआर) और 36,342 रियूजेबल फेसकवरों - 3756 लीटर हैंड सैनिटाइजर के साथ पश्चिम मध्य रेलवे (डब्ल्यूसीआर) अपना पूरा योगदान दे रही हैं।

इस दौरान अनिवार्य वस्तुओं की आपूर्ति बनाये रखने के लिए रेलवे का गुड्स एवं पार्सल परिचालन 24 घंटे चल रहा है। परिचालन और रखरखाव कर्मचारी इसके लिए 24 घंटे काम कर रहे हैं। इन कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनके मनोबल को बनाए रखने के लिए सभी कार्यस्थलों पर कई सावधानियों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है:

Updated on:
9 Apr 2020, 6:08 PM IST
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