कोरोना ( Coronavirus in India ) की सबसे ज्यादा मार गरीब, असहाय लोगों पर पड़ी है। रोजगार छीनने के साथ ही ऐसे परिवारों के सामने रोजी रोटी का भी संकट पैदा हो गया है। ऐसा ही मामला बिहार के भागलपुर से सामने आया है। जहां लॉकडाउन ( Lockdown ) के चलते तीन बहनें कामकाज बंद होने के कारण घर पर तीन से भूखी-प्यासी थीं। इसके बाद तीनों बहनों ने पीएमओ ( PMO ) से मदद की गुहार लगाई। जिसके बाद उन्हें भरपेट खाना मिल सका।
नई दिल्ली।
कोरोना ( Coronavirus in India ) की सबसे ज्यादा मार गरीब, असहाय लोगों पर पड़ी है। रोजगार छीनने के साथ ही ऐसे परिवारों के सामने रोजी रोटी का भी संकट पैदा हो गया है। ऐसा ही मामला बिहार के भागलपुर से सामने आया है। जहां लॉकडाउन ( Lockdown ) के चलते तीन बहनें कामकाज बंद होने के कारण घर पर तीन से भूखी-प्यासी थीं। इसके बाद तीनों बहनों ने पीएमओ ( PMO ) से मदद की गुहार लगाई। जिसके बाद उन्हें भरपेट खाना मिल सका।
PMO के आदेश पर हरकत में आया प्रशासन
जगदीशपुर के अंचलाधिकारी सोनू भगत ने बताया कि अखबार से पीएमओ के हेल्पलाइन नंबर लेकर तीनों बहनों ने मदद मांगी। जिसके बाद पीएमओ ने जिला प्रशासन को मामले से अवगत कराया। निर्देश मिलने के आधे घंटे के अंदर प्रशासन ने तीन बहनों को खाना उपलब्ध कराया। साथ ही राशन सामग्री दी।
माता-पिता और भाई हो चुकी है मृत्यु
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तीनों बहनें भागलपुर जिले के बरारी थाना इलाके के बड़ी खंजरपुर की रहने वाली हैं। बड़ी बहन गौरी कुमारी ने बताया कि उसके उनके पिता सनोज रजक की तीन साल पहले रेल हादसे में मौत हो गई थी। जबकि, मां और भाई की 9 साल पहले करंट लगने से मौत हो गई थी। उसने बताया कि वो कुल चार बहनें हैं। छोटी बहन मौसी के साथ रहती है। माता-पिता और भाई की मौत के बाद सभी बहनों की जिम्मेदारी उस पर आ गई। गौरी और उसकी छोटी बहन आशा घरों में काम कर किसी तरह गुजारा कर रही है। तीसरी बहन कुमकुम स्कूल में कक्षा 6 में पढ़ रही है।
भारत में कोरोना का कहर जारी
भारत समेत पूरी दुनिया इस समय कोरोना वायरस के प्रकोप से जूझ रही है। देश में कोरोना के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। इस वायरस के चलते अब तक 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी तो वहीं इससे संक्रमित मरीजों की संख्या 2 हजार से पार हो गई है।