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Corona से ठीक मरीजों को अस्पताल में अपनों का इंतजार, जानें क्यों परिजन घर ले जाने को नहीं तैयार

Coronavirus से जंग जीत चुके Patients को Hospital में अपनों का इंतजार ठीक होने के बाद भी परिजन घर ले जाने को नहीं तैयार Hospital Staff के फोन करने पर बनाते है कई तरह के बहाने

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Corona Patients Waiting for relatives to bring them home in hyderabad
कोरोना से जंग जीत चुके मरीजों को अपनों का इंतजार, परिजन घर ले जाने को नहीं तैयार

नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस ( coronavirus )लगातार अपने पैर पसार रहा है। कोविड महामारी को मात देने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। यही नहीं स्वास्थ्यकर्मियों ( Health Staff ) की कमी के बाजवूद कई कोरोना योद्धा दिन रात लोगों को ठीक करने में जुटे हैं। लेकिन कोरोना महामारी के साथ एक और बड़ी परेशानी अब सामने आ रही है।

दरअसल देश के कई हिस्सों में कोरोना के ठीक हो चुके मरीजों को अब परिजनों की बेरुखी का सामना करना पड़ रहा है। ताजा मामला देश के दक्षिण राज्य हैदराबाद ( Hyderabad ) के गांधी अस्पताल ( Gandhi Hospital ) का है। जहां कोरोना मरीजों ने इस महामारी को तो मात दे दी, लेकिन अपनों की बेरुखी ने उन्हें मजबूर कर दिया है। कई कोरोना से ठीक हो चुके मरीज अस्पताल में ही अपने परिजनों का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन परिजन उन्हें घर ले जाने को तैयार ही नहीं है।

हैदराबाद में 35 ऐसे मरीज हैं, जिनको उनके परिजिन घर ही नहीं ले जाना चाहते हैं। हाल ही में हैदराबाद में एक महिला इलाज के बाद कोरोना से पूरी तरह से ठीक हो गई। अस्पताल से उसे छुट्टी भी दे दी गई। लेकिन उसके ठीक होने के बाद उसकी असली परेशानी शुरू हुई। महिला के कई बार बुलाने पर भा घर से कोई उसे लेने ही नहीं पहुंचा। जिसके बाद अस्पताल ने महिला को आइसोलशन वार्ड में भेज दिया।

अस्पताल से ही कर रहे सवाल
ये बात हैदराबाद के गांधी अस्पताल की है। जहां महिला के ठीक होने के बाद भी उसे लेने कोई नहीं आ रहा। गांधी अस्पताव में कोविड19 के लिए नोडल ऑफिसर डॉ प्रभाकर ने बताया कि जब अस्पताल की ओर से उनके परिवार को फोन किया गया तो उन्होंने महिला के पूरी तरह से ठीक होने जाने के लेकर सवाल किए।

फोन ही नहीं उठा रहे परिजन
जब उन्हें बताया गया कि उनकी रिपोर्ट निगेटिव है तो उन्होंने कहा कि वो अभी पूरी तरह ठीक नहीं है। इसके बाद फोन करने पर परिवार की ओर से फोन ही नहीं उठाया गया। जिसके बाद अस्पताल ने उनको आइसोलेशन में रखने का फैसला किया।

और भी रोगियों को घर वालों का इंतजार
अस्पताल के स्टाफ का कहना है कि ये इस महिला का अकेला मामला नहीं है, बल्कि इस महिला की तरह करीब 35 अन्य रोगी हैं जिन्हें अपने घर वालों का इंतजार है। ये सभी कोरोना से पूरी तरह ठीक हो चुके हैं, लेकिन इनके घर वाले इन्हें घर ले जाने को तैयार नहीं है।

ये बहाने बना रहे परिजन
अस्पताल के स्टाफ का कहना है कि जब इन मरीजों के घर वालों को फोन किया जाता है तो वे घर में छोटे बच्चे होने से लेकर मरीज के पूरी ठीक होने पर ही शंका जाहिर करने जैसे बहाने बना देते हैं।

आपको बता दें कि देशभर में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 6 लाख को पार कर चुकी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक पिछले 24 घंटों के अंदर देश में सर्वाधिक 20,903 नए मामले सामने आए हैं। जबकि 379 लोगों की मौत हुई है। देश में 2,27,439 सक्रिय मामले हैं औप अब तक 3,79,892 लोग ठीक हुए हैं। देश में अब तक 18213 मौतें कोरोना से हुई हैं।

Published on:
03 Jul 2020 01:50 pm