
नई दिल्ली। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने कोरोना वायरस के कम्युनिटी ट्रांसमिशन ( Coronavirus Community Transmission ) को लेकर सफाई दी है। IMA की ओर से जारी एक अधिकारिक बयान में कहा गया कि हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया अध्यक्ष डॉ. वीके मोंगा ( Dr. VK Monga, Chairman, Hospital Board of India ) के बयान को व्यक्तिगत राय का मामला माना जाना चाहिए। आपको बता दें कि डॉ. मोगा ने हाल ही में कहा था कि भारत में कोरोना वायरस ( Coronavirus in india ) का ट्रांसमिशन शुरू हो गया है। IMA के बयान में कहा गया कि "यह आधिकारिक एजेंसियों द्वारा कोरोना महामारी के प्राकृतिक इतिहास में केवल स्टेज का पता लगाने के लिए है, जबकि क्राउड सोर्सिंग डेटा प्रामाणिक डेटा को प्रतिस्थापित नहीं कर सकता है,"।
आईएमए के बयान में कहा गया है, "इस संबंध में सभी अनुमानों को व्यक्तिगत राय का मामला माना जाना चाहिए।" आईएमए ने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारी और मेडिकल कम्युनिटी पूरी तरह से व्यस्त हैं और नतीजे देने में तैयार हैं। कोरोना क्लस्टर शहरी महानगरों में हैं, न कि ग्रामीण इलाकों में जहां खुले स्थान नियम हैं। शनिवार को डॉ. मोंगा ने कहा था कि COVID-19 का प्रसार भारत में शुरू हो गया है और कहा कि स्थिति काफी खराब है। "यह अब एक घातीय वृद्धि है। उन्होंने कहा था कि हर दिन मामलों की संख्या लगभग 30,000 से अधिक बढ़ रही है। यह वास्तव में देश के लिए एक बुरी स्थिति है। इसके साथ बहुत सारे कारक जुड़े हुए हैं लेकिन कुल मिलाकर यह अब ग्रामीण क्षेत्रों में फैल रहा है। यह एक बुरा संकेत है। अब यह एक समुदाय के प्रसार को दर्शाता है।
डॉ. मोंगा ने कहा था कि कोरोना महामारी के मामले अब बड़े-बड़े शहरों से निकल कर कस्बों और गांवों तक पहुंच गए हैं। यहां पर कोरोना की स्थिति को काबू करना बहुत मुश्किल साबित होगा। हालांकि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हम इसे फिर भी कंट्रोल कर रहे हैं, लेकिन महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, गोवा के अंदरूनी इलाकों का कोई उपाय समझ में नहीं आ रहा है, जबकि आने वाले समय में ये नए हॉटस्पॉट बन सकते हैं। इस दौरान मोंगा ने राज्य सरकारों को पूरी सावधानी बरतने की हिदायत दी थी।