वायु गुणवत्ता सूचकांक की 301 और 400 के बीच की स्थिति को बेहद खराब माना जाता है।
नई दिल्ली। दिल्ली में सास लेना और भी मुश्किल होता जा रहा है। वायु गुणवत्ता शुक्रवार को बेहद खराब होकर ‘गंभीर' स्तर पर पहुंच गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने शुक्रवार को सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 358 पर दर्ज किया गया जो ‘बेहद खराब' श्रेणी में आता है।
क्या होता है एक्यूआई
बता दें कि 0 से 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा माना जाता है। 51 और 100 के बीच एक्यूआई होना संतोषजनक कहलाता है। वही, 101 और 200 के बीच ‘मध्यम' श्रेणी का होता है। 201 और 300 के बीच को खराब कहा जाता है। वहीं, 301 और 400 के बीच की स्थिति को बेहद खराब माना जाता है। लेकिन अगर एक्यूआई 401 से 500 के बीच पहुंच जाए तो गंभीर माना जाता है। सीपीसीबी के आंकड़ों को माने तो दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार को वायु गुणवत्ता का स्तर बहुत खराब दर्ज किया गया था। बता दें कि बीते सोमवार को वायु गुणवत्ता में कुछ सुधार देखा गया था। लेकिन बुधवार को यह फिर से गिर गया और बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया गया।
भलस्वा लैंडफिल का कुछ हिस्सा अभी भी जल रहा
दिल्ली दमकल सेवा के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि भलस्वा लैंडफिल का कुछ हिस्सा अभी भी जल रहा है। इसके लिए फायर बिग्रेड की एक गाड़ी वहां तैनात की गई है। बता दें कि लैंडफिल स्थल पर 20 अक्टूबर को आग लगी थी। हालांकि मंगलवार शाम तक आग पर कुछ हद तक काबू पा लिया गया।
दशहरे के कारण बढ़ा वायू प्रदुषण
वहीं , दिल्ली में प्रदुषण का कारण दशहरा भी बताया जा रहा है। दशहरे के बाद से दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के स्तर में अचानक से उछाल आया है। यह बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि रावण दहन के कारण दिल्ली में प्रदूषण बढ़ा है।