
सीबीआई घूसकांड के खिलाफ कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी हल्लाबोल शुरू, दिल्ली में मोर्चा संभालेंगे राहुल
नई दिल्ली। सीबीआई घूसकांड ने अब पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले लिया है। इस बात को लेकर मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है। टीएमसी ने इस मुद्दे पर कांग्रेस का साथ देने की घोषणा की है। घूसकांड के खिलाफ कांग्रेस के हल्लाबोल का नेतृत्व करने के लिए राहुल गांधी खुद सड़क पर उतर गए हैं। थोड़ी देर में आलोक वर्मा को सीबीआई के डायरेक्टर पद से छुट्टी पर भेजे जाने के खिलाफ राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ता सीबीआई दफ्तर का घेराव करेंगे।
सरकार नहीं चाहती रफाल सौदे की जांच
गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि मोदी सरकार ने रफाल सौदे की जांच को रोकने के लिए सीबीआई डायरेक्टर को जबरन छुटटी पर भेजा है। उन्होंने कहा कि सीबीआई के चीफ को हटाने का काम तीन लोगों की कमेटी करती है जिसमें पीएम, नेता प्रतिपक्ष और चीफ जस्टिस शामिल होते हैं। पीएम ने बिना इनके मशवरे के सीबीआई के मुखिया को हटाया। यह जनता का अपमान है, संविधान का अपमान है, चीफ जस्टिस का अपमान है और इन सबसे बढ़कर यह गैरकानूनी है। उन्होंने कहा था कि सरकार के इस कदम के खिलाफ कांग्रेस नई दिल्ली में सीबीआई मुख्यालय के बाहर वह प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस देशभर में सीबीआई दफ्तरों के बाहर मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस के इस प्रदर्शन को तृणमूल कांग्रेस का समर्थन भी प्राप्त है।
पुलिस ने बढाई सतर्कता
कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का सख्त इंतजाम किया है। पुलिस की कोशिश है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को स्कोप कॉम्प्लेक्स पर ही रोक दिया जाए। सीबीआई मुख्यालय की तरफ जाने वाली सड़क को सील कर दिया गया है। इसके अलावा एक रास्ते को पूरी तरह से बंद किया गया है। सीबीआई दफ्तर के बाहर वाटर कैनेन भी लाए गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना और कई अन्य के खिलाफ कथित रूप से मीट कारोबारी मोइन कुरैशी की जांच से जुड़े सतीश साना नाम के व्यक्ति के मामले को रफा-दफा करने के लिए घूस लेने के आरोप में FIR दर्ज की थी। इसके एक दिन बाद डीएसपी देवेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया गया। इस गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने अस्थाना पर उगाही और फर्जीवाड़े का मामला भी दर्ज किया। उसके बाद अस्थाना ने भी सीवीसी से सीबीआई डायरेक्टर की शिकायत की और दो करोड़ रुपए घूस लेने के आरोप लगाए। दोनों के बीच छिड़ी जंग के बीच केंद्र ने सतर्कता आयोग की सिफारिश पर दोनों अधिकारियों को छु्ट्टी पर भेज दिया है। ज्वॉयंट डायरेक्टर नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक बना दिया है। सरकार के इस कदम का कांग्रेस ने विरोध करने का निर्णय लिया है।
Updated on:
26 Oct 2018, 11:03 AM IST
Published on:
26 Oct 2018, 11:03 AM IST
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