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India-China Dispute: राजनाथ सिंह की तीनों सेना प्रमुखों के साथ बैठक, पीछे नहीं हटेगी भारत की सेना

चीनी सेना के साथ तनातनी के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने को तीनों सेना प्रमुखों के साथ बैठक की राजनाथ सिंह ने CDS बिपिन रावत और सेना प्रमुखों से ने लद्दाख के ताजा हालातों की जानकारी ली
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Updated: 26 May 2020, 5:12 PM IST
India-China Dispute: राजनाथ सिंह की तीनों सेना प्रमुखों के साथ बैठक, पीछे नहीं हटेगी भारत की सेना
India-China Dispute: राजनाथ सिंह की तीनों सेना प्रमुखों के साथ बैठक, पीछे नहीं हटेगी भारत की सेना

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख ( Ladakh ) में चीनी सेना ( Chinese Army ) के साथ चल रही तनातनी के बीच केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ( Union Defense Minister Rajnath Singh ) ने मंगलवार को तीनों सेना प्रमुखों ( Army Chief ) के साथ बैठक की।

राजनाथ सिंह ( Rajnath Singh )ने इस दौरान चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत ( CDS Bipin Rawat ) और तीनों सेना प्रमुखों से नेपाल लिपुलेख और लद्दाख के ताजा हालातों की जानकारी ली।

करीब एक घंटे चली इस बैठक में सेना प्रमुख एमएम नरवने ( MM Naravane ) ने LAC पर भारत की ओर से चीनी सेना को दिए जा रहे जवाब की जानकारी भी दी।

अपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों से वास्तविक नियंत्रण रेखा ( LAC ) पर भारत और चीनी सेना के बीच तनाव की स्थिति उपजी है।

जिसके बाद दोनों देशों ने मौके पर अपने-अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा दी है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में हुई बैठक में तय हुआ कि भारत चीन के साथ इस सीमा विवाद का हल कूटनीतिक तरीके से निकालेगा।

लेकिन अभी भारतीय सेना जहां पर डटी हुई है, उससे पीछे नहीं हटेगी। बैठक में यह भी कहा कि भारत की ओर से यहां जो सड़क निर्माण कार्य शुरू किया गया है, वहीं भी जारी रहेगा।

गौरतलब है कि हाल ही में पूर्वी लद्दाख और सिक्किम के नाकू ला सेक्टर में भारत और चीनी सेना के बीच झड़प और हाथापाई की नौबत बन गई थी।

जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था।

इस पर भारतीय सेना का कहना है कि वे अपने क्षेत्र में किसी भी प्रकार की चीनी घुसपैठ की इजाजत नहीं देंगे और उन क्षेत्रों में पेट्रोलिंग को और भी मजबूत करेंगे।

वहीं चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ( PLA ) आए दिन भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ कर भारतीय सेना के साथ संघर्ष कर रही है।

अब मामला बढ़ गया है, क्योंकि इसे स्थानीय स्तर पर सेनाओं द्वारा हल नहीं किया जा सकता है और राजनयिक रूप से बातचीत शुरू हो गई है।

Updated on:
26 May 2020, 5:12 PM IST
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