India-China dispute के बीच Indian Ministry of External Affairs का अहम बयान China Line of Actual Control की यथास्थिति को बदलना चाहता था चीन की यथास्थिति (status quo ) बदलने के प्रयास के नतीजे के रूप में हिंसक झड़प हुई
नई दिल्ली। भारत-चीन विवाद ( India-China dispute ) के बीच भारतीय विदेश मंत्रालय ( Indian Ministry of External Affairs ) का अहम बयान सामने आया है। Indian Ministry of External Affairs ने कहा कि चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा ( LAC ) की यथास्थिति को बदलना चाहता था और चीन ( China ) की तरफ से यथास्थिति बदलने (status quo ) के प्रयास के नतीजे के रूप में यह हिंसक झड़प हुई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ( Foreign Ministry spokesman Anurag Shrivastava )ने कहा कि चीन ने एक तरफा LAC की स्थिति को बदले का प्रयास किया गया और यथास्थिति बदलने के प्रयास के नतीजे के रूप में एक हिंसक झड़प हुई।
विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि हम सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखने और बातचीत के माध्यम से मतभेदों के समाधान की आवश्यकता के बारे में द्रढ़ता से आश्वस्त हैं। साथ ही हम भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को सुनिश्चित करने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह अपनी गतिविधियों को एलएसी के अपने क्षेत्र तक ही सीमित रखे और इसमे एक तरफा बदलाव का प्रयास न करे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि भारत देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच जारी तनाव के बीच भारत आगामी 23 जून को रूस और चीन के विदेश मंत्रियों के साथ होने वाली आरआईसी की बैठक में शामिल होगा। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस आभासी बैठक में भारत भाग लेगा।