भारतीय रेलवे ने गुरुवार को टिकटों के कैंसलेशन के संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए। कैंसल कराए गए काउंटर या ई-टिकट में काटे गए चार्ज की रकम छह माह के भीतर वापस। इस दौरान कैंसल की गई टिकटों में काटे गए पैसे मिल जाएंगे वापस।
नई दिल्ली। रेल मंत्रालय ने पहले से बुक किए गए टिकटों और इनके रिफंड को लेकर संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए। बीते 21 मार्च से लागू पीएसआर काउंटर टिकट को लेकर रेलवे द्वारा रद्द की गई ट्रेनों को लेकर जारी नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक इसके लिए यात्रा तिथि से छह माह तक काउंटर पर बुक की गई टिकट जमा करके रिफंड हासिल किया जा सकता है। हालांकि पहले यह अवधि यात्रा तिथि को हटाकर तीन दिन की थी। वहीं, ई-टिकट के लिए दिशा-निर्देशों के मुताबिक रिफंड अपने आप जारी कर दिया जाएगा।
रेलवे के मुताबिक जो ट्रेनें कैंसल नहीं की गई हैं और किसी कारण मुसाफिर यात्रा नहीं करना चाहता, तो विशेष मामलों में ई-टिकट और पीएसआर काउंटर से बनी टिकटों का पूरा रिफंड वापस किया जाएगा।
पीएसआर काउंटर टिकट का रिफंड पाने के लिए यात्री यात्रा तिथि के छह माह के भीतर स्टेशन पर टीडीआर (टिकट डिपॉजिट रसीद) फाइल कर सकता है, और अगले 60 दिनों तक चीफ क्लेम ऑफिसर/सीसीएम रिफंड दफ्तर में विस्तृत टीडीआर जमा कर सकता है। जबकि ई-टिकट के लिए ऑनलाइन कैंसलेशन और रिफंड की सुविधा उपलब्ध है।
यात्री चाहे तो पीएसआर काउंटर टिकट को 139 या IRCTC वेबसाइट के जरिये भी कैंसल कर सकते हैं और यात्रा तिथि के छह माह के भीतर काउंटर पर ले जा सकते हैं। 21 मार्च से पहले से बुक किए गए आरक्षित टिकटों पर कैंसलेशन रकम का पूरा रिफंड मिलेगा।
वहीं, जिन लोगों ने 21 मार्च के बाद यात्रा की टिकटें बुक कराई हैं और पहले ही टिकट कैंसल करा चुके हैं, वे संबंधित जोनल रेलवे मुख्यालय से जुड़े चीफ क्लेम ऑफिसर या चीफ कमर्शियल मैनेजर रिफंड के दफ्तर में काटी गई शेष कैंसलेशन रकम को वापस पाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए यात्रा तिथि के छह माह के भीतर डाक के जरिये शेष राशि वापस पाने के लिए आवेदन करना होगा।
ई-टिकट के लिए कैंसलेशन चार्ज की काटी गई शेष रकम संबंधित व्यक्ति के खाते में डाल दी जाएगी।