
नई दिल्ली। दिल्ली के अति सुरक्षा वाले इलाके इजरायली दूतावास ( Israel Embassy Blast ) के पास शुक्रवार शाम हुए धमाके को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। इस धमाके की जिम्मेदारी 'जैश उल हिंद' ( Jaish Ul Hind ) संगठन ने ली है।
दरअसल कथित तौर पर मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम के मैसेज के जरिए इसकी पुष्टि का दावा किया जा रहा है। इस मैसेज में कहा गया है- ' सर्वशक्तिमान अल्लाह की कृपा और मदद से, जैश उल हिंद के सैनिक दिल्ली के एक हाई सिक्योरिटी इलाके में घुसपैठ करके IED हमले को अंजाम दे पाए।
जैश-उल हिंद नाम के संगठन ने इजरायल दूतावास के बाहर धमाके की जिम्मेदारी ली है। इस संगठन ने दावा किया है कि उसने ही इजरायली दूतावास के सामने धमाका करवाया है। देश की खुफिया एजेंसियां इस दावे की सत्यता की जांच कर रही है।
दरअसल खुफिया एजेंसियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलिग्राम पर एक चैट पाया है।
'भारतीय सरकार के अत्याचारों का बदला लेगा'
इस पोस्ट में ये भी लिखा गया है कि प्रमुख भारतीय शहरों को निशाना बनाने वाले हमलों की यह एक शुरुआत है। यह भारतीय सरकार की ओर से किए गए अत्याचारों का बदला लेगा।
वहीं दिल्ली में इजरायल दूतावास के पास हुए मामूली आईईडी विस्फोट के बाद धमाके के लिए इस्तेमाल किए गए विस्फोटकों की दो बार जांच की गई।
सूत्रों ने कहा कि जांच में सामने आया कि डिवाइस में हाई ग्रेड मिलिट्री एक्स्प्लोसिव PETN पाई गई।
जांच टीम के अधिकारी अनुमान लगा रहे हैं कि अल-कायदा जैसे प्रशिक्षित समूहों के पास इस ग्रेड के विस्फोटक उपलब्ध होने की आशंका है।
लिफाफे में अहम जानकारी
दूतावास के बाहर जांच टीम को एक लिफाफा भी मिला है। इस लिफाफे के अंदर मौजूद पत्र में धमाके को 'ट्रेलर' बताया गया है। इस पत्र में कहा गया है कि इरानी सैन्य कमांडर सुलेमानी और ईरान के न्यूक्लियर साइंटिस्ट मोहसिन फखरजादेह की हत्या का बदला लिया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक इस मामले की जांच में इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद भी शामिल हो सकती है।