सावधान! देश में Digital Payment में हुई 80 प्रतिशत ग्रोथ तो साइबर क्राइम 350 फीसदी बढ़ा

  • Coronavirus संकट के बीच 2020 में ऑनलाइन ठगी में जबरदस्त इजाफा
  • वैक्सीन बुकिंग और होम डिलीवरी के नाम पर सबसे ज्यादा ठगी के शिकार हुए लोग
  • 120 फीसदी सबसे ज्यादा बढ़ा यूपीआइ के जरिए लेन-देन

By: धीरज शर्मा

Published: 30 Jan 2021, 09:32 AM IST

नई दिल्ली। कोरोना महामारी ( Coronavirus ) के दौरान पहले वर्क फ्रॉम होम तो अब वैक्सीन बुकिंग व होम डिलीवरी सर्विस के नाम पर ऐप्स डाउनलोड करवा कर हैकर ऑनलाइन ठगी कर रहे हैं। एनपीसीआइ के आंकड़ों के अनुसार 2020 में देश में 4 लाख 16 हजार 176 करोड़ रुपए का डिजिटल पेमेंट ( Digital Payment ) के जरिए लेन-देन किया गया।

सरकार के लगातार ऑनलाइन प्रोत्साहन के कारण 2019 के मुकाबले 2020 में ऑनलाइन लेन-देन 80 फीसदी तक बढ़ गया लेकिन पुख्ता सुरक्षा व जागरूकता के अभाव में साल 2020 में साइबर अपराध ( Cyber Crime ) के मामले 350 फीसदी तक बढ़ गए।

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डिजिटल पेमेंट 2020
80 फीसदी बढ़ा ऑनलाइन पेमेंट छोटे व मझोले शहरों में
120 फीसदी सबसे ज्यादा बढ़ा यूपीआइ के जरिए लेन-देन
73 फीसदी ज्यादा डिजिटल पेमेंट जुलाई-दिसंबर 2020 में
57 फीसदी ने जुलाई-दिसंबर में सप्ताह में 5-6 बार डिजिटल पेमेंट
21 फीसदी ने ३ बार व 20 फीसदी ने तीन बार से कम किया
नोट : 2019 की तुलना में

साइबर फ्रॉड भी बढ़ा
70 फीसदी जनवरी से मई में ई-वॉलेट, डिजिटल भुगतान से ठगी बढ़ी
12 साइबर अपराध के मामलों की शिकायत सिर्फ एक दिन में मुंबई में
19 फीसदी साइबर क्राइम के मामले क्रेडिट-डेबिट कार्ड धोखाधड़ी के बढ़े
375 साइबर हमले साल 2020 में हुए दूसरे देशों के हैकरों द्वारा

(नोट : एनपीसीआइ के 2020 के आंकड़ों के अनुसार)

ऐस ठग रहे शातिर

नया तरीका
साइबर ठग फोन कर कहते हैं कि हैलो...मैं ....वैक्सीन बनाने वाली कंपनी से बोल रहा हूं। आप वैक्सीन अभी बुक कर लीजिए। आपके घर पर ही डिलीवर कर दी जाएगी। अभी यह ऑफर सीमित लोगों के लिए है।

एक ओटीपी से खाता खाली
रजिस्ट्रेशन के नाम पर आधार नंबर, बैंक खाता, एटीएम कार्ड, क्रेडिट कार्ड नंबर मांग रहे हैं। मोबाइल में ओटीपी नंबर भेजते हैं और फिर ओटीपी नंबर मांगकर बैंक खाते की रकम साफ कर देते हैं।
सच : सरकार या किसी कंपनी ने अभी तक ऐसी कोई घोषणा नहीं की है।

मोबाइल ऐप्स से लोन
मोबाइल ऐप डाउनलोड करते समय यूजर के फोन बुक और गैलरी का एक्सेस कर उसके कॉन्टैक्ट नंबरों व अकाउंट तक की जानकारी लेते हंै। दोस्तों व रिश्तेदारों को भी फोन करते हैं।

फेसबुक पर मोबाइल नंबर
जिनके फेसबुक पर अपने मोबाइल नंबर को ही यूजर नेम व पासवर्ड बनाया है, शातिर उनकी फ्रेंड लिस्ट में जाकर लोगों को पैसे भेजने की रिक्वेस्ट करते हैं। ऐसे लोगों को ज्यादा निशाना बनाते हैं जो सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल नहीं करते हैं।

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यह बरतें सावधानी
- अंजान नंबर से वैक्सीन को लेकर फोन आए तो सतर्क हो जाएं, बात न करें।
- कोरोना वैक्सीन का दावा करने वाली किसी ऐप को डाउनलोड न करें।
- किसी से फोन पर खाता नंबर, एटीएम, पिन की जानकारी साझा न करें।

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धीरज शर्मा
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