Jammu and Kashmir के बारामूला में सुरक्षाबलों ने एक मुठभेड़ के दौरान दो आतंकी मार गिराए हैं सुरक्षाबलों को Yedipora Pattan में इलाके में कुछ आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर ( Jammu-Kashmir Encounter ) के बारामूला ( Baramulla Encounter ) से बड़ी खबर सामने आई है। यहां सुरक्षाबलों ने एक मुठभेड़ के दौरान दो आतंकी ( Terrorist Killed in Encounter ) मार गिराए हैं। हालांकि मुठभेड़ के दौरान सेना के एक मेजर भी गोली लगने से घायल हो गए है। जानकारी के अनुसार सुरक्षाबलों को खुफिया सूत्रों के माध्यम से येदिपोरा पट्टन में इलाके में कुछ आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली था। सुरक्षाबलों ने सूचना पर पूरे इलाके की नाकाबंदी कर दी और तलाशी अभियान ( Search operation ) शुरू कर दिया। इस दौरान सुरक्षाबलों ने आतंकियों को आत्मसमर्पण करने को कहा, लेकिन उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। जिस पर भारतीय जवानों ( Indian Army ) ने भी आतंकियों की गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया। इस गोलीबारी के दौरान दो आतंकी ढेर हो गए। हालांकि अभी तक आतंकियों की शिनाख्त नहीं हो पाई है। भी दोनों ओर से फायरिंग जारी है।
सेना के मेजर रोहित वर्मा घायल
मुठभेड़ के दौरान सेना के मेजर रोहित वर्मा घायल हो गए हैं। उन्हें 92 बेस हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया है। आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाएं तेजी के साथ बढ़ती जा रही हैं। इससे पहले जम्मू-कश्मीर के ही बारामूला स्थित क्रेरी इलाके में CRPF की नाका पार्टी पर आतंकियों ने हमला बोल दिया था। इस हमले में CRPF के जवानों ने तीन आतंकियों को मार गिराया था, हालांकि इस दौरान फोर्स के पांच जवान भी शहीद हो गए थे। यह हमला खूंखार आतंकी संगठन लश्कर एक तैयबा के आतंकियों ने किया था।
शोपियां में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली
इस बीच सुरक्षाबलों को दक्षिणी कश्मीर के शोपियां में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली है। जिसके बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके का घेराव करते हुए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। यह सुरक्षाबलों की ओर से यह अभियान शोपियां के लगरां इलाके में चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई को सेना की 44-आरआर और एसओजी की संयुक्त टीम द्वारा अंजाम दिया जा रहा है। वही, सुरक्षा संबंधी विषय से जुड़े एक्सर्पट्स की मानें तो पाक समर्थित आतंकी सीमार पार से भेजे जाते हैं, जो भारत में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में रहते हैं। इससे पहले स्वतंत्रता दिवस के आसपास भी भारतीय खुफिया सूत्रों के माध्यम से बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया गया था।