जम्मू कश्मीर पुलिस और सेना के बड़े सर्च ऑपरेशन से घबराए आतंकियों ने पुलिसवालों के 3 परिजनों को रिहा कर दिया है।
नई दिल्ली। आतंकियों के खिलाफ सेना का कार्रवाई का असर दिख रहा है हिजबुल मुजाहिदीन ने जम्मू कश्मीर से अगवा किए गए पुलिसवालों के 11 रिश्तेदारों में से तीन को शुक्रवार की शाम छोड़ दिया है। आतंकियों ने इन सभी को गुरूवार देर रात अगल अलग इलाके से अगवा किया था। आतंकियों ने ये रिहाई हिजबुल किमांडर रियाज नाइकू के पिता असदुल्ला नाइकू को रिहा करने के बाद किया है। जिसे पुलिस ने दो दिन पहले ही गिरफ्तार किया था।
11 लोगों को आतंकियों ने किया था अगवा
दक्षिण कश्मीर में आतंकवादियों ने गुरुवार को स्थानीय पुलिसकर्मियों के सात रिश्तेदारों को अगवा कर लिया। शुक्रवार की सुबह तक कुल 11 लोगों को आतंकियों ने अपने कब्जे में ले लिया। जिसके बाद अधिकारियों ने पूरे इलाके हाई अलर्ट जारी किया। पुलिस ने बताया कि गुरुवार शाम को आतंकवादियों ने कुलगाम जिले के अरवनी इलाके के एक पुलिसकर्मी के बेटे जुबैर अहमद का अपहरण कर लिया। अरवनी से एक पुलिस अधिकारी के भाई आरिफ अहमद, कुलगाम के खारपोरा से एक पुलिसकर्मी के बेटे फैजान अहमद, कुलगाम के यारीपोरा से एक पुलिसकर्मी के बेटे सुमर अहमद राठेर और कुलगाम के काटापोरा से एक उप पुलिस अधीक्षक के भाई गौहर अहमद को अगवा किया गया है। इससे पहले गुरुवार को आतंकवादियों ने मिदूरा त्राल से एक पुलिसकर्मी के बेटे नासिर अहमद का अपहरण कर लिया। आतंकवादियों ने बुधवार को पुलवामा जिले के त्राल में पिंग्लिश गांव के एक स्थानीय पुलिसकर्मी रफीक अहमद राथर के बेटे असिफ अहमद का अपहरण कर लिया था। आंतकियों ने जिस वक्त इस घटना को अंजाम दिया उस समय पुलिसकर्मी घर पर मौजूद नहीं थे
पुलिस और सेना ने चलाया बड़ा सर्च ऑपरेशन
अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों के अगवा परिजनों को ढूंढ़ने के लिए दक्षिण कश्मीर में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाना शुरू किया। इस मामले पर सुरक्षा बलों की एक उच्च स्तरीय बैठक हुई, जहां फैसला किया गया था कि अगवा हुए लोगों का पता लगाने के लिए शुक्रवार सुबह ही बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया। आतंकी खुद को हर ओर से घिरा देने के बाद पुलिसकर्मियों के परिजनों को रिहा कर दिया।
हिजबुल कमांडर ने जारी किया बयान
हिजबुल कमांडर रियाज नाइकू ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा कि पुलिस ने आतंकवादियों को परिवारों के खिलाफ कार्रवाई करने पर मजबूर कर दिया क्योंकि पुलिस ने एक आतंकवादी के गैर-आतंकवादी रिश्तेदार को अगवा किया था। आतंकवादियों ने इसके बदले पुलिसकर्मियों के 11 रिश्तेदारों को अगवा कर लिया था। हालांकि पुलिस इस तरह की किसी भी बात से इनकार कर रही थी।