
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में सुधर रहे हालातों को देखते हुए केंद्र सरकार लगातार नेताओं पर से लगी नजरबंदी हटा रही है। अब इसी कड़ी में केंद्र शासित प्रदेश सरकार ने ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस (APHC) के उदारवादी गुट के चेयरमैन मीरवाइज उमर फारुक की नजरबंदी खत्म कर दी है।
खास बात यह है कि मीरवाइज उमर फारुक को 19 महीनों की नजरबंदी के बाद रिहा कर दिया गया है।
जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2019 में विशेष राज्य का दर्जा समाप्त किए जाने और पूनर्गठन अधिनियम लागू किए जाने के मद्देनजर प्रशासन ने 5 अगस्त को मीरवाइज को भी अन्य नेताओं के साथ नजरबंद किया था।
अधिकारियों ने उन्हें मंगलवार को ही घर से बाहर निकलने की इजाजत दे दी थी, वहीं मीरवाइज उमर फारुक ने बुधवार को बताया कि आधिकारिक तौर पर उन्हें रिहाई की जानकारी अभी तक नहीं दी गई है। हालांकि ये जानकर उन्हें खुशी हुई कि वो अब आजाद हैं।
ड्रग्स के खिलाफ अभियान
मीरवाइज ने ये भी बताया कि ड्रग्स की लत जिस तरह हमारे समाज खास तौर पर युवाओं को बर्बाद कर रही है, उसे देखते हुए वो अब ड्रग्स के खिलाफ अभियान शुरू करेंगे।
मुफ्ती ने जाहिर की खुशी
मीरवाइज की रिहई को लेकर पीडीपी नेता और पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने मीरवाइज उमर फारुक की रिहाई पर खुशी जाहिर की है।
मुफ्ती ने ट्वीट कर कहा- मीरवाइज की रिहाई की खबर सुनकर खुशी हुई। मुझे उम्मीद है कि जम्मू-कश्मीर में और बाहर जेलों में बंद सैंकड़ों कश्मीरी पुरुषों को भी जल्द ही रिहा किया जाएगा। ये समय उनका परिवार के पास लौटने का है।
आपको बता दें कि मीरवाइज फारुख ने अगस्त 2019 से कश्मीर में अपने घर से बाहर किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया था लेकिन वह अपने घर पर हुर्रियत नेताओं की बैठक करते रहते थे।
इसके अलावा अलग-अलग मजहबी संगठनों के साथ भी उनकी बैठके हुई थीं। इससे पहले फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और खुद महबूबा मुफ्ती भी पिछले साल नजरबंद रह चुकी हैं, हालांकि कुछ महीनों के बाद इन सभी को रिहा कर दिया गया था।