Jammu-Kashmir के बारामूला में सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर उस्मान भाई को मार गिराया सुरक्षाबलों द्वारा की गई यह कार्रवाई BJP leader Wasim Bari की हत्या का बदला मानी जा रही है
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर ( Jammu-Kashmir ) के बारामूला से बड़ी खबर सामने आई है। यहां सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर ( Commander of Lashkar-e-Taiba ) उस्मान भाई को मार गिराया है। सुरक्षाबलों द्वारा की गई यह कार्रवाई भारतीय जनता पार्टी ( BJP ) के नेता वसीम बारी ( BJP Leader Wasim bari ) की हत्या का बदला मानी जा रही है। आपको बता दें कि उस्मान वसीम भाजपा नेता के पिता की हत्या में भी शामिल था। जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार ( Jammu-Kashmir IG Vijay Kumar ) ने जानकारी देते हुए बताया कि लश्कर कमांडर ( Lashkar Commander ) उस्मान ही भाजपा नेता वसीम बारी का हत्यारा है। यही नहीं उसने ही वसीम बारी के भाई और पिता की हत्या की थी। आईजी कश्मीर रेज ने बताया कि उस्मान का मारा जाना पुलिस और सुरक्षाबलों के लिए बड़ी कामयाबी है।
जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में भाजपा नेता वसीम बारी की हत्या
गौरतलब है कि 8 जुलाई को आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में भाजपा नेता वसीम बारी की हत्या कर दी थी। यही नहीं भाजपा नेता वसीम के भाई और पिता की भी आतंकियों ने गोली बरसाकर हत्या कर दी थी। जिसके बाद सुरक्षाबलों ने आतंकियों के खिलाफ बारामूला के क्रेइरी इलाके में तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच लगभग 36 घंटे तक मुठभेड़ चली। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों को मार गिराया था। मुठभेड़ में मरने वाले इन आतंकियों में भाजपा नेता वसीम बारी का हत्यारा उस्मान भाई भी शामिल था। आईजी ने बताया कि उस्मान पिछले कई सालों से आतंकी गतिविधियों में शामिल था और उत्तरी कश्मीर में सक्रिय था।
दो पिस्टल और एक एके-47 राइफल भी बरामद
इस दौरान सीआरपीएफ के दो जवान और जम्मू एवं कश्मीर पुलिस का एक जवान सोमवार को शहीद हो गए थे। इसके साथ ही पुलिस ने आतंकियों के पास से दो पिस्टल और एक एके-47 राइफल भी बरामद की थी। आपको बता दें कि सुरक्षाबल ने सोमवार को उन आतंकवादियों को गिरफ्त में लेने के लिए अभियान लॉन्च किया था, जो पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त पेट्रोल पार्टी पर हमला करके भाग गए थे। सोमवार को, लश्कर के उत्तरी कश्मीर कमांडर सज्जाद अहमद मीर समेत दो आतंकवादी मुठभेड़ में मारे गए थे। दो जवानों को इस दौरान गोली लग गई थी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।