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कर्नाटक सरकार का बड़ा फैसला, पढ़ने और नौकरी के लिए विदेश जाने वालों को पहले लगाई जाएगी वैक्सीन

Karnataka की येदियुरप्पा सरकार का बड़ा फैसला, पढ़ाई और नौकरी के लिए विदेश जाने वालों को पहले लगाई जाएगी Corona Vaccine, ये दस्तावेज जरूरी

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Karnataka Government will first vaccinate from June 1 those who going abroad for studies and jobs

नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( coronavirus ) महामारी के बीच कर्नाटक सरकार ( Karnataka Government ) ने बड़ा फैसला लिया है। दरअसल येदियुरप्पा सरकार नौकरी और पढ़ाई के लिए विदेश जाने वाले सभी लोगों को प्राथमिकता के आधार पर कोरोना वैक्सीन की खुराक लगाएगी।

उपमुख्यमंत्री सी एन अश्वथ नारायण ने इस बात की घोषणा करते हुए कहा कि हम विदेश पढ़ाई के लिए जाने वाले छात्रों और नौकरी के लिए जाने वाले युवाओं को प्रथामिकता के आधार पर कोविड वैक्सीन ( Corona Vaccine ) लगाएंगे।


उपमुख्यमंत्री नारायण ने कहा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ( NHM ) ने 1 जून से टीकाकरण के लिए तरजीही समूहों की संशोधित सूची में उच्च अध्ययन और नौकरियों के लिए विदेश जाने वाले छात्रों और व्यक्तियों को जोड़ा है।

1 जून से शुरू होगा वैक्सीनेशन
नारायण के मुताबिक विदेश जाने वाले छात्रों और श्रमिकों के लिए टीकाकरण अभियान मंगलवार यानी 1 जून से शुरू हो जाएगा। इसकी शुरुआत बेंगलूरु सिटी यूनिवर्सिटी से की जाएगी।

नारायण ने कहा, एनएचएम ने दूध सहकारी समितियों और केबल ऑपरेटरों के कार्यकर्ताओं को भी टीकाकरण की प्राथमिकता सूची में शामिल किया है।

वैक्सीन लगवाने के लिए ये होना जरूरी
विदेश जाने वाले जिन छात्रों और श्रमिकों को प्राथमकिता के आधार पर वैक्सीन लगवाई जाएगी उनके पास कुछ डॉक्यूमेंट का होना जरूरी है।

वैक्सीन उन्हीं लोगों को पहले लगाई जाएगी जिनके पास अपना वीजा, प्रवेश रसीद, नौकरी का आदेश और संबंधित दस्तावेज होंगे।

जिला आयुक्तों को निर्देश जारी
प्रदेशभर के जिला आयुक्तों को निर्देश दिया गया है कि वे विदेश यात्रा करने से पहले छात्रों और श्रमिकों को टीकाकरण के लिए पात्रता प्रमाण पत्र जारी करें।

कंपनियों से सीधे वैक्सीन लेने की तैयारी
आपको बता दें कि कर्नाटक में कोरोना के कहर अब भी बरकार है। खास बात यह है कि राज्य में तीसरी लहर की भी जल्द आशंका जतायी जा रही है।

ऐसे में अब सरकार ने कोरोना वैक्सीन के लिए सीधे कंपनियों से संपर्क कर खरीदने का फैसला लिया है।
उपमुख्यमंत्री सी. एन अश्वथ नारायण के मुताबिक ग्लोबल टेंडर के तहत जिन दो कंपनियों ने टेंडर सौंपा है उन्होंने अब जरूरी दस्तावेज अब तक नहीं सौंपे हैं।

इसके चलते ये फैसला लिया गया कि कंपनियों से सीधा संपर्क किया जाएगा। दरअसल प्रदेश में तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच सरकार किसी भी कीमत पर लापरवाही देरी की स्थिति में नहीं है। यही वजह है कि सीधे कंपनियों से संपर्क किया जा रहा है।

आपको बता दें कि प्रदेश में 10 मई से लागू लॉकडाउन अब भी जारी है। येदियुरप्पा सरकार ने इसे फिलहाल 7 जून तक बढ़ा दिया है। वहीं सरकार का कहना है कि मामलों में कमी और नियंत्रण के बाद ही लॉकडाउन की प्रक्रिया में छूट दी जाएगी।

Published on:
01 Jun 2021 08:47 am
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