
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी है। कानून के खिलाफ कई जगहों पर हिंसक प्रदर्शन हो रहा है। वहीं केरल विधानसभा में मंगलवार को इस कानून को वापस लेने के लिए प्रस्ताव रखा गया। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (kerala cm pinarayi vijayan) ने विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया। सदन में यह प्रस्ताव पास हो गया।
इस दौरान सीएम विजयन ने कहा कि केरल में केरल में धर्मनिरपेक्षता का एक लंबा इतिहास रहा है। उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्षता, यूनानियों, रोमन, अरबों का एक लंबा इतिहास है। ये सभी हमारी धरती पर पहुंचे हैं। हमारी परंपरा समावेशिता की है। विधानसभा को परंपरा को जीवित रखने की जरूरत है।
कांग्रेस ने प्रस्ताव का किया समर्थन
मुख्यमंत्री ने डिटेंशन सेंटर को लेकर भी बयान दिया। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि केरल में कोई डिटेंशन सेंटर नहीं बनेगा।
मुख्यमंत्री विजयन की ओर से रखे गए प्रस्ताव का कांग्रेस ने जहां समर्थन किया वहीं भाजपा ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए निंदा की। भाजपा विधायक ओ राजगोपाल ने प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि इस कानून में कहीं से किसी धर्म को अलग-थलग करने की चर्चा नहीं है। सिर्फ वोटबैंक के लिए अफवाह उड़ाया जा रहा है न कि संविधान की रक्षा के लिए।