इतिहास रचने वाले केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का आज सोमवार को 76वां जन्मदिन है। जन्मदिन भी उसी दिन मनाया जाता है जिस दिन 15वीं केरल विधान सभा का पहला सत्र है।
नई दिल्ली। अपना कार्यकाल पूरा कर इतिहास रचने वाले केरल के पहले मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का आज सोमवार को 76वां जन्मदिन है। केरल के मुख्यमंत्री को निरंतर शासन पर भरोसा है जिसने इतिहास रच दिया है। जन्मदिन भी उसी दिन मनाया जाता है जिस दिन 15वीं केरल विधान सभा का पहला सत्र है। लेकिन सीएम कार्यालय ने कहा कि कोई समारोह या समारोह नहीं होगा। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के पोलित ब्यूरो के सदस्य पिनराई का कन्नूर के एक गरीब परिवार में जन्म हुआ। उन्होंने पेरलास्सेरी हाईस्कूल से शुरुआती पढ़ाई करने के बाद ब्रेनन कॉलेज से आगे की पढ़ाई की। इस दौरान छात्र संघों के माध्यम से उन्होंने राजनीति के गुर सीखे। 1964 में वह औपचारिक रूप से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) में शामिल हो गए और यहां से सक्रिय राजनीति में उनके सफर की शुरुआत हुई।
एक नायक जो संकटों से परेशान नहीं होता
आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक मुख्यमंत्री का जन्मदिन 21 मार्च को होता है। पहली बार मुख्यमंत्री बने पिनाराई विजयन ने 25 मई, 2016 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी वास्तविक जन्मतिथि की घोषणा की। जब केरल की जनता विगत पांच वर्षों से संकट से घिरी हुई थी, तब जनता ने सामने से नेतृत्व वाली सरकार को निरंतरता प्रदान की। केंद्रीय एजेंसियों के आरोपों और जांच की आंधी में पिनाराई विजयन ने हार नहीं मानी। 76 साल की उम्र में चंद नवागंतुकों के साथ सीएम की कुर्सी पर लौटे। जब पिनाराई पहली बार विधानसभा पहुंचे तो एलडीएफ ने 91 सीटें जीतीं, इस बार इसे बढ़ाकर 99 कर दिया गया। सीएम बनने के बाद पिनाराई ने कई तरह की कल्याणकारी योजनाओं को अमल में लेकर प्रदेश की जनता का दिल जीतने में कामयाब रहे। वे एक बार फिर नया इतिहास लिखने जा रहे है।
15वीं केरल विधानसभा का पहला सत्र आज
केरल की नवनिर्वाचित 15वीं विधानसभा का सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। केरल के इतिहास में पहली बार, 15वें विधानसभा सत्र की शुरुआत इस खास विशेषता के साथ होगी कि एक फ्रंट सरकार को निरंतरता मिलेगी। सख्त कोविड-19 प्रोटोकाल के तहत शुरू होने जा रहा यह सत्र 14 जून तक चलेगा। सत्र के पहले दिन प्रोटेम स्पीकर पी. रहीम नए विधायकों को शपथ दिलाएंगे। नई विधानसभा में इस बार कई बदलाव देखने को मिलेंगे। लगातार दूसरी बार सरकार बनाने में कामयाब मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन सदन में अपने दामाद पीडब्ल्यूडी मंत्री पीए मुहम्मद रियास के साथ नजर आएंगे।