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CAA को लेकर आमने-सामने केरल और केंद्र सरकार, राज्यपाल ने याद दिलाया अधिकार

CAA के विरोध में विरोध प्रदर्शन अब अन्य प्रदेश में कानूनी जंग में तब्दील हो गया केरल में CAA को लेकर राज्य सरकार और केंद्र सरकार आमने-सामने आ गई हैं केरल CAA को हटाने के लिए पास हुए प्रस्ताव पर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद का बयान
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CAA को लेकर आमने-सामने केरल और केंद्र सरकार
CAA को लेकर आमने-सामने केरल और केंद्र सरकार

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब अन्य प्रदेश में कानूनी जंग में तब्दील हो गया है।

यही वजह है कि केरल में सीएए को लेकर राज्य सरकार और केंद्र सरकार आमने-सामने आ गई हैं।

केरल विधानसभा में नागरिकता संशोधन कानून (CAA)को हटाने के लिए पास हुए प्रस्ताव को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ( Kerala Governor Arif Mohammad Khan ) ने गलत करार दिया है।

उन्होंने गुरुवार को कहा कि किसी राज्य को केंद्रीय विषयों पर प्रस्ताव पास करने का अधिकार ही नहीं है।

राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ( Kerala Governor Arif Mohammad Khan ) ने कहा, "नागरिकता का मामला केंद्र सरकार का विषय है, इसको लेकर राज्य सरकार के प्रस्ताव पारित करने का कहीं कोई संवैधानिक आधार नहीं है।"

मुख्यमंत्री पिनराई विजयवन ( Kerala Chief Minister Pinarayi Vijayan ) ने मंगलवार को विधानसभा में CAA हटाने के लिए प्रस्ताव पेश किया था जिसे बाद में विधानसभा ने पारित किया था।

इस प्रस्ताव का कांग्रेस ने समर्थन किया था वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कड़ा एतराज जताया था। प्रस्ताव पास कराने के पीछे मुख्यमंत्री पी विजयन ने कहा था कि 'केरल में सेक्युलरिज्म (धर्म निरपेक्षता) का सुनहरा इतिहास रहा है। ऐसे में इस परंपरा को बनाए रखने के लिए ऐसे कानून का विरोध जरूरी है।'

Updated on:
02 Jan 2020 01:51 pm
Published on:
02 Jan 2020 01:45 pm