सरकार ने कहा है कि मुसलमान युवाओं को इस्लामिक स्टेट (ISIS)की शिक्षा देने वाली संस्थानों को तत्काल बंद करने की जरूरत है।
तिरुवनंतपुरम: केरल सरकार ने कोच्चि के एक निजी स्कूल को तत्काल रुप से बंद करने का आदेश जारी किया है। स्कूल पर आरोप है कि पाठ्यक्रम में देश की धर्म निरपेक्ष नीतियों के खिलाफ पढ़ाया जा रहा है। सरकार ने कहा है कि मुसलमान युवाओं को इस्लामिक स्टेट (ISIS)की शिक्षा देने वाली संस्थानों को तत्काल बंद करने की जरूरत है। आदेश में कहा गया है कि जांच से यह खुलासा हुआ है कि पीस फाउंडेशन इंटरनेशनल स्कूल की पाठ्य पुस्तकों का लक्ष्य देश की धर्म निरपेक्ष नीतियों के खिलाफ विचारों का प्रसार करना है। साथ ही, यह दुष्प्रचार करने की कोशिश कर रहा है जो देश की नीतियों के खिलाफ है। स्कूल पर आरोप है कि, वहां पढने वाले विद्यार्थियों को आपत्तिजनक सामग्री पढाकर इस्लाम के लिए जान देने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा था।
स्कूल के पास NOC नहीं
आदेश में इस बात का भी उल्लेख है कि सरकार ने स्कूल को अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नहीं जारी किया था और इस तरह यह केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध नहीं है। दरअसल ये स्कूल उस वक्त सुर्ख़ियों में आया था जब अफगानिस्तान और सीरिया में आईएसआईएस में शामिल होने के लिए केरल से 21 लोग अचानक लापता हो गए । जिसमें अब्दुल रशीद नाम का युवक भी शामिल था। अब्दुल की पत्नी भी पीस फाउंडेशन में कार्यरत थी। हालांकि स्कूल प्रबंधन ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। प्रबंधन ने कहा कि आरोप पुरी तरह बेबुनियाद है। फिलहाल पूरे मामले की जांच सरकार बारिक से कर रही है।
ISIS में शामिल होने के लिए निकले थे
बता दें कि एर्नाकुलम के थम्मनम स्थित स्कूल अक्टूबर 2016 में उस वक्त निगरानी के दायरे में आया था जब जिला शिक्षा अधिकारी ने पाठ्य पुस्तक की विषय वस्तु को लेकर स्कूल के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। राइट टू एजुकेशन के तहत इस स्कूल के छात्रों को आसपास के दूसरे स्कूलों में स्थानांतरित करने का आदेश दिया गया है।