
नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने विवादित इस्लामिक कटटरपंथी जाकिर नाइक के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। मनी लॉन्ड्रिंग व टेरर फंडिंग मामले में एनआईए ने गुरुवार को उनके खिलाफ विशेष अदालत में पेश 65 पेज वाला आरोप पत्र दाखिल किया। आरोप पत्र में नाइक पर हेट स्पीच और आतंक को बढ़ावा देने के आरोप लगाए गए हैं। इसके साथ ही इसमें 80 लोगों के गवाह के तौर पर बयान भी दर्ज कराए गए हैं। बता दें कि नाइक के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज है।
फिर आया विवादित वीडियो
दरअसल एनआईए मनी लॉंड्रिंग और आतंक संबंधी मामले में जाकिर नाइक (51) के खिलाफ जांच कर रही थी। बता दें कि जाकिर जुलाई 2016 में उस समय भारत छोड़ दिया था जब बांग्लादेश में मौजूद आतंकियों ने यह दावा किया था कि वो जाकिर के विचारों से प्रेरित हो रहे हैं। तब एनआईए की मुंबई ब्रांच ने जाकिर के खिलाफ 18 नवंबर, 2016 को विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था। वहीं सरकार ने कार्रवाई करते हुए सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने जाकिर के विवादित और आपत्तिजनक भाषणों पर बैन लगा दिया था। लेकिन पिछले दिनों कश्मीर के कुछ स्थानीय चैनलों ने जाकिर के कुछ वीडियो दिखाए हैं। जिससे यह स्पष्ट हो गया था कि जाकिर नाइक द्वारा संचालित पीस टीवी दूसरे चैनल की शक्ल में कश्मीर में लौट आया है। बता दें कि विडियो में जाकिर दूसरे धर्मों को लेकर विवादित टिप्पणी करता दिखाई दे रहा है। इनका पूरा नाम डॉ. जाकिर अब्दुल करीम नायक है। ये एक एमबीबीएस. डॉक्टर हैं। नाइक अफ्रीका के प्रसिद्ध धर्म प्रचारक अहमद दीदात को अपना गुरू मानते हैं। साल 1991 से उन्होंने इस्लाम का प्रचार करना शुरू किया। बहुत से लोगों ने नाइक के द्वारा इस्लाम धर्म अपनाया। मुम्बई की डोंगरी में पैदा होने वाले नाइक इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष हैं। लेकिन लेकिन सवाल ये है कि डोंगरी में पैदा हुए जाकिर नाइक आज यहां तक कैसे पहुंचे।
Updated on:
26 Oct 2017, 5:13 PM IST
Published on:
26 Oct 2017, 4:57 PM IST
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