विविध भारत

अब Kisan Andolan में शामिल होंगी 150 से ज्यादा एंबुलेंस, जानिए कहां से और क्यों आ रहीं?

ट्रैक्टर के बाद Kisan Andolan में होगी एंबुलेंस की भी एंट्री 80 दिन से ज्यादा वक्त से कृषि कानूनों के लिए खिलाफ किसान कर रहे प्रदर्शन
2 min read
• •
Updated: 12 Feb 2021, 9:23 AM IST
Ambulance entry in Farmer protest
किसान आंदोलन में होगी एंबुलेंस की एंट्री

नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों ( Farm Law ) के खिलाफ विरोध कर रहे किसानों के आंदोलन ( Kisan Andolan ) को करीब तीन महीने का वक्त होने को आया, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। गणतंत्र दिवस को निकाली गई ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा के बाद आंदोलन थोड़ा कमजोर जरूर पड़ा लेकिन एक बार फिर किसान संगठनों ने सरकार को अपनी आवाज सुनाने के लिए आंदोलन तेज कर दिया है।

इस बीच किसान आंदोलन में ट्रेक्टर रैली के बाद अब एंबुलेंस की भी एंट्री होने जा रही है। आईए जानते हैं कहां से आ रही हैं ये एंबुलेंस और क्या है वजह।

पंजाब से आ रहीं 150 एंबुलेंस
कृषि कानून के विरोध में सिंघु बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए पंजाब से 150 से ज्यादा निजी एंबुलेंस करनाल से होते हुए सिंघु बॉडर के लिए रवाना हुई हैं।

एंबुलेंस के ड्राइवर्स की मानें तो पूरा पंजाब किसानों के साथ है और यही वजह है कि वो किसानों को समर्थन देने शुक्रवार को सिंघु बॉर्डर पहुंच रहे हैं।

ये है मांग
पंजाब के इन सैकड़ों एंबुलेंस ड्राइवर्स ने सरकार से जल्द ही तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग की है।

कृषि कानून के विरोध में किसान आंदोलन को लगातार समर्थन मिल रहा है। रोजाना देश भर में किसानों के आंदोलन को समर्थन की अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिल रही हैं।

शुक्रवार को भी पंजाब के कई जिलों से निजी एंबुलेंस ड्राइवर्स की एसोसिएशन से जुड़े सैकड़ों एंबुलेंस ड्राइवर्स किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए रवाना हुए।

एंबुलेंस के ड्राइवर्स का जत्था करनाल के कर्ण लेक पर भी रुका जहां पर सभी ने गुरु का लंगर चखा उसके बाद किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए रवाना हुए।

एंबुलेंस पर लगा तिरंगा
सभी निजी एंबुलेंस पर तिरंगा झंडा और किसान समूहों का झंडा लगा हुआ है। एसोसिएशन के प्रधान ने कहा, “सरकार को जल्द ही तीनों कृषि कानून वापस लेने होंगे, पूरा पंजाब किसानों के समर्थन में है।

किसान आंदोलन में पंजाब हरियाणा का भाईचारा देखने को मिल रहा है। आपकोब बता दें कि राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर किसान तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 80 दिनों से ज्यादा समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

इन प्रदर्शनों को लेकर किसान संगठनों और सरकार के बीच 11 दौर की वार्ता हो चुकी है। हालांकि अब तक कोई हल नहीं निकला है। किसानों की मांग है कि सरकार जल्द से जल्द इन तीनों कानूनों को वापस ले।

Published on:
Also Read
View All
Liquor Ban: अब कुंवरपुर में भी होगी शराबबंदी! महिलाओं ने संभाला मोर्चा, कहा- दारू पीने-पिलाने और बनाने वालों पर लगेगा भारी जुर्माना

MCB Medical shops: बिना फार्मासिस्ट बेच रहे थे दवाइयां, अधिकारियों ने मारा छापा, 3 मेडिकल दुकानें कराईं बंद

Ambikapur News: सडक़ हादसे में बाइक सवार शिक्षक की मौत, मीटिंग में शामिल होने जा रहे थे बलरामपुर

Ambikapur News: चोरी के आरोप से परेशान 12वीं की छात्रा चढ़ गई थी स्कूल की छत पर, लौटी तो प्रबंधन बोला- सहमति पत्र दो, तब रखेंगे

Ambikapur News: मोबाइल खरीदने मां से मांगे पैसे, नहीं मिला तो बोला- मैं मर जाऊंगा, फिर दुर्ग-अंबिकापुर ट्रेन के सामने कूदा, हुई मौत